महिलाओं की सुरक्षा और लैंगिक समानता के लिए शुरू हुआ ‘निर्भय चेतना’ अभियान
नई दिल्ली, 20 जून। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और लैंगिक समानता को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने ‘निर्भय चेतना’ नामक एक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत देशभर के 17.5 लाख से अधिक पुरुष निर्वाचित प्रतिनिधियों को महिलाओं के अधिकारों, सुरक्षा और नेतृत्व के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाया जाएगा।
पंचायती राज मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में 17 से 19 जून तक आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षक-प्रशिक्षण (टीओटी) कार्यक्रम के साथ इस अभियान की शुरुआत की गई। इसे विश्व स्तर पर अपनी तरह का सबसे बड़ा अभियान बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा विकसित ‘निर्भय चेतना’ प्रशिक्षण मॉड्यूल का भी शुभारंभ किया गया।
इस पहल का उद्देश्य पंचायतों में कार्यरत पुरुष जनप्रतिनिधियों को लैंगिक समानता, महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और नेतृत्व संबंधी मुद्दों पर प्रशिक्षित करना है। पहले चरण में असम, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और उत्तराखंड के लगभग 40 मुख्य प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। आगे चलकर इस मॉडल को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समान भागीदारी सुनिश्चित किए बिना ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने पंचायतों को सामाजिक और लोकतांत्रिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए कहा कि यह पहल लैंगिक संवेदनशील नेतृत्व को बढ़ावा देगी और महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण बनाने में मदद करेगी।
मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित तथा सहयोगी माहौल बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञ व्याख्यान, समूह चर्चा, अध्ययन-प्रकरण और अनुभवात्मक शिक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को लैंगिक मुद्दों की गहन समझ विकसित करने का अवसर दिया गया। इसमें सकारात्मक पुरुषत्व, सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती देने तथा महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और समावेशन में पंचायतों की भूमिका जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि ‘निर्भय चेतना’ अभियान, 11 मार्च 2026 को शुरू की गई ‘निर्भय रहो’ पहल का हिस्सा है। इस व्यापक कार्यक्रम के तीन प्रमुख घटक हैं— ‘निर्भय नेत्री’, जो महिला जनप्रतिनिधियों के क्षमता विकास पर केंद्रित है; ‘निर्भय चेतना’, जो पुरुष जनप्रतिनिधियों को लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील बनाएगा; तथा ‘निर्भय दृष्टि’, जिसके अंतर्गत पंचायत क्षेत्रों में सीसीटीवी जैसी तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान के सफल संचालन के लिए देशभर में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर 28,500 मास्टर प्रशिक्षकों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जो 17.5 लाख से अधिक पुरुष निर्वाचित प्रतिनिधियों तक प्रशिक्षण और जागरूकता का संदेश पहुंचाएंगे।
