निहंगों के उत्पात के बाद ग्वालदम बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा, पुलिस और आईटीबीपी के जवान तैनात

थराली, 21 जून (हरेंद्र बिष्ट)। चमोली जिले के कर्णप्रयाग और नगरासू में निहंग सिखों द्वारा किए गए उपद्रव और तलवारबाजी की घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एहतियात के तौर पर थराली थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुमाऊं और गढ़वाल की सीमा पर स्थित ग्वालदम में स्थानीय पुलिस तथा आईटीबीपी के जवानों की तैनाती की गई है।
हाल ही में कर्णप्रयाग और नगरासू में हुई घटनाओं के मद्देनजर चमोली पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इसी क्रम में ग्वालदम में जिला पुलिस के साथ आईटीबीपी की एक टुकड़ी को भी तैनात किया गया है। यहां उत्तराखंड पुलिस के 15 से 20 जवानों तथा आईटीबीपी के लगभग 25 जवानों को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रविवार को थराली थाना प्रभारी विनोद चौरसिया ने पुलिस और आईटीबीपी के जवानों की संयुक्त ब्रीफिंग कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ग्वालदम बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की तैनाती किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है।
उल्लेखनीय है कि चंपावत जिले स्थित रीठा साहिब गुरुद्वारा तथा ऊधमसिंह नगर के नानकमत्ता गुरुद्वारे से बड़ी संख्या में निहंग सिख और अन्य श्रद्धालु दर्शन के लिए हेमकुंड साहिब आते-जाते रहते हैं। इसी कारण ग्वालदम क्षेत्र को पुलिस और प्रशासन संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी रख रहा है।
