ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए 6 सैनिकों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय समर स्मारक पर किए गए अंकित
नई दिल्ली 27 जून। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले छह सैनिकों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए गए हैं। केंद्र सरकार ने इन वीर जवानों के नाम नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक (National War Memorial) की ‘टाइप-30’ दीवार पर अंकित कर उन्हें राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शहीद हुए इन सैनिकों में भारतीय सेना के चार जवान तथा वायुसेना के एक मास्टर वारंट अधिकारी और एक सार्जेंट शामिल हैं। राष्ट्रीय समर स्मारक में अंकित किए गए इन नामों के साथ अब देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की सूची और विस्तृत हो गई है।
स्मारक की टाइप-30 दीवार पर शहीदों के नाम उनके यूनिट के नाम के साथ अंकित किए गए हैं। इसके साथ ही स्मारक की वेबसाइट पर भी जानकारी अद्यतन कर दी गई है। दीवार के ऊपरी भाग पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसके नीचे ‘2025’ अंकित किया गया है। इसके नीचे अलग-अलग प्रविष्टियों में सभी छह शहीदों के नाम दर्ज किए गए हैं।
ये हैं ऑपरेशन सिंदूर के छह वीर शहीद
लांस नायक दिनेश कुमार – 10 जम्मू-कश्मीर राइफल्स
राइफलमैन सुनील कुमार – 18 जम्मू-कश्मीर राइफल्स
सिपाही निशांत कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट
क्राफ्ट्समैन मुर्त मुल्ली नायक – 851 लाइट रेजिमेंट
सार्जेंट सुरेंद्र कुमार – भारतीय वायुसेना
कॉर्पोरल मुनीष कुमार सिंह – भारतीय वायुसेना
इन सभी वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक सहित कुल 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
भारतीय सशस्त्र बलों ने नियंत्रण रेखा पार कर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन कार्रवाईयों में 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी।
राष्ट्रीय समर स्मारक पर दी गई श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय समर स्मारक, इंडिया गेट के निकट स्थित है और वर्ष 2019 में राष्ट्र को समर्पित किया गया था। यहां स्वतंत्रता के बाद विभिन्न सैन्य अभियानों में शहीद हुए सैनिकों के नाम अंकित हैं। स्मारक के केंद्र में स्थित अमर ज्योति देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान की निरंतर याद दिलाती है।
बदली भारत की सुरक्षा नीति
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद विरोधी नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। इस अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया कि देश पर होने वाले किसी भी आतंकी हमले का जवाब भारत आवश्यक होने पर सीमापार जाकर भी सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के माध्यम से देने में सक्षम है। ऑपरेशन सिंदूर के शहीद सैनिकों के नाम राष्ट्रीय समर स्मारक पर अंकित किया जाना उनके अद्वितीय बलिदान के प्रति राष्ट्र की स्थायी कृतज्ञता का प्रतीक है।
