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निर्माण श्रमिकों के लिए चार नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू, दो मोबाइल मेडिकल वैन को मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

देहरादून, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए चार नई कल्याणकारी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के तहत दो अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल वैन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नई योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा तथा पोषण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पोषण योजना के तहत श्रमिक परिवारों को पोषण सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिक्षा सामग्री योजना के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरित मुख्यमंत्री स्वच्छता सामग्री वितरण कार्यक्रम के तहत श्रमिक परिवारों को हाइजीन किट वितरित की जाएगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योग एवं वेलनेस आरोग्य योजना के तहत श्रमिक परिवारों के पात्र छात्र-छात्राओं को योग एवं वेलनेस का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष 210 बच्चों को प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 70 युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार से जोड़ने की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक स्वास्थ्य परीक्षण योजना के तहत शुरू की गई मोबाइल मेडिकल वैन दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर श्रमिकों को उनके कार्यस्थल और आवास पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इन वैन में एक्स-रे, ईसीजी सहित 44 प्रकार की जांचें निःशुल्क की जाएंगी। साथ ही टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह तथा जांच के बाद तीन माह तक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी भी की जाएगी। इस योजना की शुरुआत फिलहाल पौड़ी गढ़वाल और चम्पावत जनपद से की गई है, जिसे चरणबद्ध ढंग से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “श्रमेव जयते” के मंत्र से प्रेरित होकर राज्य सरकार श्रमिकों को केवल श्रमशक्ति नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विकासशक्ति मानती है। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, महिला श्रमिकों के मातृत्व, बेटियों के विवाह, आवास निर्माण, औजार, साइकिल, सिलाई मशीन, वृद्धावस्था पेंशन जैसी अनेक योजनाओं के माध्यम से उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है।

उन्होंने सभी पात्र निर्माण श्रमिकों से अपील की कि वे उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में अपना पंजीकरण समय-समय पर नवीनीकृत कराते रहें, ताकि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल सके।

कार्यक्रम में बोर्ड के सचिव एवं श्रमायुक्त पी.सी. दुम्का ने बोर्ड की गतिविधियों और नई योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, राज्य सलाहकार संविदा बोर्ड के अध्यक्ष कैलाश पंत, सतर्कता समिति की अध्यक्ष गीता रावत, उपाध्यक्ष मोहनी पोखरिया, मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविन्द सिंह, सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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