पीएम सूर्य घर योजना से 50 लाख से अधिक परिवार जुड़े, 19 लाख घरों का बिजली बिल हुआ शून्य
नई दिल्ली, 4 अगस्त। केंद्र सरकार की ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत देश में रूफटॉप सोलर (छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र) लगाने की रफ्तार तेज हुई है। सरकार के अनुसार अब तक 50.06 लाख से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ चुके हैं और इनमें से लगभग 19 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। योजना के तहत अब तक 14.8 गीगावाट की रूफटॉप सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है।
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि फरवरी 2024 में शुरू हुई इस योजना ने दो वर्षों से भी कम समय में यह उपलब्धि हासिल की है। इससे पहले पूरे एक दशक में देश में केवल 7.94 लाख रूफटॉप सोलर परियोजनाएं स्थापित हुई थीं। योजना का कुल परिव्यय 75,021 करोड़ रुपये है।
सरकार के अनुसार पिछले नौ महीनों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अक्टूबर 2025 में प्रतिदिन औसतन 5,038 संयंत्र लगाए जा रहे थे, जबकि जुलाई 2026 में यह संख्या बढ़कर 16,328 प्रतिदिन हो गई। केवल जुलाई 2026 में 5.06 लाख परिवारों ने योजना का लाभ लिया, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है।
योजना के तहत लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अब तक 28,024 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे उनके खातों में भेजी गई है। सरकार का दावा है कि इससे लगभग 19 लाख परिवारों का मासिक बिजली बिल शून्य हो गया है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2024-25 में 12 लाख से अधिक परिवारों ने अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर 421 करोड़ रुपये की आय अर्जित की। औसतन प्रत्येक परिवार को सालाना करीब 3,500 रुपये अतिरिक्त आय हुई।
सरकार ने बताया कि कम आय वाले परिवारों तक योजना पहुंचाने के लिए यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल लागू किया गया है। इसके तहत चार राज्यों में पीएम आवास योजना, बीपीएल और एससी-एसटी परिवारों के 1.6 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जबकि इस मॉडल को 12 राज्यों में लागू करने की मंजूरी दी गई है।
योजना के अंतर्गत 21.87 लाख आवेदकों को रियायती ब्याज दर पर ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 17.5 लाख संयंत्र ऋण सहायता से स्थापित हो चुके हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और आवेदन, स्वीकृति, सब्सिडी तथा नेट मीटरिंग की सुविधा डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है।
रूफटॉप सोलर क्षेत्र में रोजगार और उद्योग को भी बढ़ावा मिला है। देश में 34,219 पंजीकृत विक्रेता हैं, जिनमें 29,469 सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। वहीं 2.32 लाख से अधिक लोगों को इस क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है।
सरकारी भवनों में भी सौर ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार के 25,255 भवनों तथा राज्यों के 81,329 भवनों में सौर ऊर्जा संयंत्र चालू हो चुके हैं। इस तरह अब तक 1.06 लाख सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा चुका है।
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च कम करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और देश में विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन को मजबूत करना है।
