क्षेत्रीय समाचार

प्राचीन गौँख मार्ग के चौड़ीकरण में वन विभाग की अड़चन से ग्रामीणों में आक्रोश

 

ज्योतिर्मठ, 18 अगस्त (कपरुवाण)। जोशीमठ के समीप स्थित गौँख गांव में पुश्तैनी भूमि, मकान और गौशालाओं तक पहुंच के लिए सदियों से इस्तेमाल किए जा रहे प्राचीन मार्ग के चौड़ीकरण और हल्के वाहनों के आवागमन योग्य सड़क निर्माण का मामला फिर गरमा गया है। मार्ग चौड़ीकरण में वन विभाग की ओर से आ रही अड़चन से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से जोशीमठ क्षेत्र के विभिन्न गांवों के काश्तका कई पीढ़ियों से अपनी पुश्तैनी जमीनों तक आवागमन करते रहे हैं। ऐसे में मार्ग को सुविधाजनक बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
गौँख विकास संघर्ष समिति की ओर से मार्ग के चौड़ीकरण और हल्के वाहन मार्ग के निर्माण को लेकर लंबे समय से संबंधित विभागों से पत्राचार किया जा रहा है। समिति का कहना है कि ग्रामीणों की पुश्तैनी संपत्तियों तक पहुंच के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों को पैदल आवागमन और सामान ढोने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
मंगलवार को गौँख विकास संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के प्रभागीय वनाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्राचीन गौँख मार्ग के चौड़ीकरण और हल्के वाहन मार्ग के निर्माण में वन विभाग से सकारात्मक सहयोग की मांग की। समिति ने कहा कि मार्ग का विकास ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता है और इससे क्षेत्र के लोगों को अपनी पुश्तैनी भूमि तथा आवासीय परिसंपत्तियों तक आवागमन में सुविधा मिलेगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती के साथ गौँख विकास संघर्ष समिति के अनिल नंबूरी, भरत सिंह बिष्ट, प्रकाश सती और विजेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के नवनियुक्त प्रभागीय वनाधिकारी यश ढोबले ने प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद प्रकरण का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि मामले का नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा और ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा। डीएफओ के आश्वासन के बाद समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित गौँख मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता अब खुल सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!