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देहरादून और रुद्रपुर सहित देश भर के 121 टोल प्लाजा पर डिजिटल फास्टैग लोकल पास सुविधा विस्तार

New facility enables eligible commuters to purchase monthly Local Passes online through the Rajmargyatra Mobile App

राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप से मासिक लोकल पास ऑनलाइन खरीदे जा सकते हैं

नयी दिल्ली, 18  अगस्त। केन्द्र सरकार के डिजिटल इंडिया विजन और जीवन सुगम बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण-एनएचएआई ने देहरादून और रुद्रपुर सहित  देश भर के 121 टोल प्लाजाों पर ऑनलाइन फास्टैग लोकल पास सुविधा आरंभ कर दी है। ऑनलाइन लोकल पास व्यवस्था से सफर करने वाले व्यक्ति राजमार्गयात्रा मोबाइल ऐप द्वारा मासिक लोकल पास ऑनलाइन बुक कर सकते हैं, जिससे टोल प्लाजा पर जाने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इस पहल का उद्देश्य टोल प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल से राष्ट्रीय राजमार्ग यात्रा सुगम और जन-केंद्रित बनाना है।

पहला डिजिटल लोकल पास जुलाई 2026 में दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर स्थित मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर आरंभ किया गया था। इसकी सफल शुरुआत के बाद, अब यह सुविधादेश भर के 120 से अधिक टोल प्लाजा पर विस्तारित कर ली गई है। आगामी महीनों में इसे देश भर के अन्‍य टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा।

कौन आवेदन कर सकता है?

डिजिटल लोकल पास योजना के तहत, टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोग राजमार्ग यात्रा मोबाइल ऐप द्वारा लोकल पास के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस पास के लागू प्रावधानों के अनुसार पात्र यात्रियों को माह में संबंधित टोल प्लाजा से असीमित यात्रा करने की सुविधा मिलेगी। इससे पहले, लोकल पास के लिए यात्रियों को संबंधित टोल प्लाजा पर खुद जाना पड़ता था और 20 किलोमीटर के दायरे में आवासीय पते और अन्य पात्रता आवश्यकताएं सत्‍यापित करने संबंधी दस्तावेज जमा करने पड़ते थे। राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ता https://rajmargyatra.nhai.gov.in/buy-fastag-local-pass पर जाकर टोल प्लाजा की सूची देख सकते हैं।

डिजिटल लोकल पास संबंधी तकनीक

डिजिटल लोकल पास सुविधा, डिजीलॉकर और वाहन सहित सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्मों के साथ सहमति-आधारित एकीकरण पर आधारित है, ताकि यात्री के आवासीय पते, वाहन विवरण और लिंक किए गए फास्टैग जैसी जानकारी प्राप्त और सत्यापित की जा सके। इसकी पात्रता भौगोलिक सूचना प्रणाली से भी सत्‍यापित की जाती है, जिससे निर्धारित होता है कि आवेदक का पंजीकृत पता पात्र टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में है या नहीं।

सत्यापित डिजिटल डेटा और भौगोलिक सूचना प्रणाली-आधारित सत्यापन के एकीकरण से हस्तचालित दस्तावेज़ीकरण और भौतिक सत्यापन की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, साथ ही इससे पात्रता निर्धारण में एकरूपता, पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होती है। यह प्रणाली निजी उपस्थिति समाप्‍त कर पात्र यात्रियों को स्थानीय टोल सेवाओं की सुगम सुविधा सुनिश्चित करती है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लोकल पास डिजिटलीकरण द्वारा देश भर में निर्बाध और प्रौद्योगिकी-सक्षम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क स्‍थापित कर जन-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लक्ष्‍य को आगे बढ़ाया है।

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