नया घर, नई उम्मीदें : रक्षा राज्य मंत्री ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में ‘बछेंद्री’ छात्रावास का किया उद्घाटन

देहरादून, 18 अगस्त। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में मंगलवार को रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ के आगमन पर गौरवपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाचार्या ग्रुप कैप्टन मधु सेंगर, उप प्रधानाचार्या कमांडर अर्चना चौधरी तथा प्रशासनिक अधिकारी मेजर अजय सिंह पवार ने रक्षा राज्य मंत्री का स्वागत किया।
विद्यालय परिसर पहुंचने पर रक्षा राज्य मंत्री ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कैडेट्स ने उन्हें गरिमापूर्ण गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवनिर्मित ‘बछेंद्री’ बालिका छात्रावास का उद्घाटन रहा। यह छात्रावास बालिका कैडेट्स के लिए आवासीय सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए छात्रावास से विद्यालय में बालिका कैडेट्स को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होने के साथ ही उन्हें समान अवसर प्रदान करने की दिशा में भी मदद मिलेगी।
रक्षा राज्य मंत्री ने इस अवसर पर कैडेट्स से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने उनके अनुभवों और विद्यालय में मिल रही शिक्षा एवं प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने कैडेट्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाया और कैडेट्स मेस में उनके साथ दोपहर का भोजन भी किया। इस दौरान कैडेट्स को रक्षा राज्य मंत्री के साथ अनौपचारिक रूप से संवाद करने और अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला।

कैडेट्स को संबोधित करते हुए श्री संजय सेठ ने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल को उत्कृष्ट राष्ट्रीय रक्षा अकादमी परिणामों के लिए बधाई दी। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध गुणवत्तापूर्ण आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ अनुशासन, चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता का विकास सैनिक स्कूलों की महत्वपूर्ण विशेषता है और घोड़ाखाल विद्यालय इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
उन्होंने ‘बछेंद्री’ छात्रावास को महिला सशक्तीकरण, समान अवसर और नए दौर की शुरुआत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बालिका कैडेट्स को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा, प्रशिक्षण और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर दिए जा रहे हैं।
रक्षा राज्य मंत्री ने कैडेट्स से प्रामाणिक इतिहास का अध्ययन करने तथा देश और दुनिया में घट रही घटनाओं से निरंतर अवगत रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में ज्ञान, अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना का विकास आवश्यक है। उन्होंने कैडेट्स से राष्ट्रसेवा के लिए स्वयं को तैयार करने और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।
