उत्तराखंड में अनमैप्ड और विसंगति वाले 94 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई पूरी
- एसआईआर की समीक्षा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को दिए निर्देश
- फॉर्म 6, 7 और 8 के लंबित मामलों का एक सप्ताह में करें निस्तारण

देहरादून, 31 अगस्त। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची में अनमैप्ड और विसंगति वाले करीब 94 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई पूरी कर ली गई है। प्रदेश में ऐसे कुल 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से करीब 23 लाख की सुनवाई हो चुकी है। सुनवाई में शामिल नहीं हो सके मतदाताओं को एक और अवसर दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईआर की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म 6, 7 और 8 के लंबित मामलों की सुनवाई कर एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश की प्रारूप मतदाता सूची में कुल 71 लाख 33 हजार मतदाता शामिल हैं। इनमें से अनमैप्ड और विभिन्न विसंगतियों से संबंधित 24 लाख 30 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे। अब तक करीब 23 लाख मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग एक लाख 10 हजार मतदाता विभिन्न कारणों से सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके। निर्वाचन विभाग ने ऐसे सभी मतदाताओं को दोबारा सुनवाई का अवसर दिया है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मतदाता सूची से संबंधित सभी दावों और आपत्तियों की सुनवाई निर्धारित समयसीमा में और निर्वाचन नियमों के अनुरूप की जाए। उन्होंने प्रत्येक जिले में फॉर्म 6, फॉर्म 7 और फॉर्म 8 से जुड़े मामलों की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की। जिलाधिकारियों ने अब तक निस्तारित दावों एवं आपत्तियों तथा शेष मामलों की सुनवाई के लिए की जा रही कार्रवाई का जिलेवार विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
