कांग्रेस का मुख्यमंत्री आवास घेराव, महिला अपराध और भर्ती अनियमितताओं समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा

देहरादून, 7 सितंबर। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित अपमानजनक कृत्य के विरोध सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास घेराव किया। प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा की मौजूदगी में आयोजित ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस ने प्रदेश में महिला अपराध, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और जमीनों की नीलामी से जुड़े मुद्दों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां, बैनर और पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया।

कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, सीडब्ल्यूसी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल, करन माहरा, पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत, राष्ट्रीय सचिव एवं दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन सहित पार्टी के विधायक, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे।
खड़गे के कथित अपमान का मुद्दा उठाया
प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और देश के वरिष्ठ दलित नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रति कथित अपमानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा है। कांग्रेस इस तरह की मानसिकता का विरोध करती रहेगी।
भर्ती परीक्षाओं और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला अपराध और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए। पार्टी ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, कथित भर्ती घोटालों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘नौकरियां बेचना बंद करो, युवाओं को रोजगार दो’ जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों का असर हजारों युवाओं के भविष्य पर पड़ता है और सरकार को इन मामलों में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने बढ़ती लागत और बाजार से जुड़ी दिक्कतों का उल्लेख करते हुए किसानों की शिकायतों के समाधान और उचित मुआवजे की मांग की।
जमीनों की नीलामी पर भी सवाल
कांग्रेस ने प्रदेश में जमीनों की कथित अनैतिक एवं संदिग्ध नीलामी का मुद्दा भी उठाया। पार्टी नेताओं का कहना था कि राज्य की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने ऐसी किसी भी प्रक्रिया का विरोध करने की बात कही, जिसमें जमीनों के नीलाम या हस्तांतरण में अनियमितता की आशंका हो।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, किसानों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को सरकार के सामने उठाना है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
कई लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मेयर रुड़की यशपाल राणा, पूर्व प्रमुख एवं 2002 में विधानसभा प्रत्याशी रहे भुवनेश खर्कवाल, मनोज सैनी, रविन्द्र आनंद, रामकुमार वालिया और अधिवक्ता सचिन कुमार ने अपने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
