मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना शूरू, 11 हजार युवाओं को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ किया। योजना के तहत प्रदेश के राजकीय एवं शासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के प्रथम चरण में 11 हजार छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कोचिंग से जोड़ा जाएगा। सरकार के अनुसार, योजना का विशेष लाभ पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें आर्थिक संसाधनों या उचित मार्गदर्शन के अभाव में गुणवत्तापूर्ण कोचिंग की सुविधा नहीं मिल पाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सही दिशा, बेहतर रणनीति, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण हैं। योजना के माध्यम से युवाओं को इन सुविधाओं तक ऑनलाइन पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के लिए कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस केवल सरकारी रोजगार तक सीमित नहीं है। स्वरोजगार, स्टार्टअप, कौशल विकास, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए भी काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई युवा गांवों में लौटकर व्यवसाय, कृषि-बागवानी, होमस्टे और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्वरोजगार के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के ढाई लाख से अधिक युवा विद्यार्थियों से संवाद कर उनके विचार और सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं और रोजगार से जुड़े विषयों पर काम करने के लिए राज्य में अलग ‘युवा आयोग’ बनाया जाएगा।
विद्यार्थियों से संवाद किया
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों, भविष्य के लक्ष्यों और आकांक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने का आह्वान किया।
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि योजना से विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक योजना की जानकारी पहुंचाने का प्रयास करेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष से छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित किए जाएंगे। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में डिजिटल शिक्षा का विस्तार किया जा रहा है। ई-ग्रंथालय के माध्यम से विद्यार्थियों को करीब 20 लाख पुस्तकों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराई गई है।
मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने योजना से जुड़े कोचिंग संस्थानों से विद्यार्थियों की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि नियमित संवाद और विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप मार्गदर्शन से उनकी तैयारी और आत्मविश्वास को बेहतर किया जा सकता है।
कार्यक्रम में योजना से जुड़े छात्र-छात्राओं सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

