11 हजार विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग
देहरादून। प्रदेश के 11 हजार विद्यार्थियों को UPSC, State PCS, SSC, Banking, Railway, Defence सहित विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग मिलेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को इस योजना का शुभारंभ किया।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देश के अनुभवी शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों से ऑनलाइन माध्यम से गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है। योजना के तहत विद्यार्थियों को केवल लाइव कक्षाओं के बजाय रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, प्रश्न बैंक, ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट की सुविधा भी दी जाएगी।
परीक्षा के अनुसार विद्यार्थियों का आवंटन तय किया गया है। UPSC एवं State PCS के लिए 2,000, SSC, Railway, Banking Services एवं समकक्ष परीक्षाओं के लिए 5,000, Defence Services के लिए 2,000, NET, GATE, CSIR एवं JRF के लिए 1,000 तथा CAT/MAT जैसी प्रबंधन प्रवेश परीक्षाओं के लिए 1,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा से चयन
योजना के लिए विद्यार्थियों का चयन खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। परीक्षा में प्रदर्शन और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर विद्यार्थियों को संबंधित कोर्स में प्रवेश दिया जाएगा। टॉपर और मेधावी विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
चयनित विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं के साथ रिकॉर्डेड लेक्चर और डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। नियमित टेस्ट एवं मॉक टेस्ट के जरिए उनकी तैयारी का आकलन किया जाएगा। प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
तीन संस्थानों को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी
गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow और Doon Dreamers, Dehradun का चयन किया गया है। इन संस्थानों के विशेषज्ञ शिक्षक और विषय विशेषज्ञ विभिन्न प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराएंगे। इसके अलावा अन्य अनुभवी एवं विशेषज्ञ शिक्षकों को भी अभियान से जोड़ने की योजना है।
घर से कर सकेंगे तैयारी
योजना के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन माध्यम से घर से ही तैयारी की सुविधा मिलेगी। इससे विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बड़े शहरों में जाकर महंगी कोचिंग लेने की जरूरत कम होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की तैयारी में बाधा नहीं बननी चाहिए। डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन की पहुंच बढ़ाकर विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
