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उपनल कार्मिकों को चरणबद्ध मिलेगा न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ता

देहरादून, 16 सितम्बर। राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से आउटसोर्स पर कार्यरत कार्मिकों को वेतनमान का न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ चरणबद्ध तरीके से देने का निर्णय लिया है। इसके लिए कार्मिकों को उनकी नियुक्ति अवधि के आधार पर तीन चरणों में बांटा गया है।

शासन के निर्णय के अनुसार पहले चरण में एक जनवरी 2016 से पूर्व नियोजित उपनल कार्मिकों को इसका लाभ देने की कार्यवाही की जा रही है। दूसरे चरण में एक जनवरी 2016 से 12 नवम्बर 2018 तक और तीसरे चरण में 13 नवम्बर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियोजित कार्मिकों को न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाएगा।

सचिव सैनिक कल्याण युगल किशोर पंत की ओर से जारी शासनादेश में विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के न्यूनतम वेतन भुगतान की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है। इसके अनुसार जिन विभागों में स्वीकृत अथवा सृजित पदों की संख्या से अधिक उपनल कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें नियुक्ति की तिथि के आधार पर वरीयता क्रम में उपलब्ध पदों के सापेक्ष समायोजित किया जाएगा।

यदि संबंधित विभाग में पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं होते हैं तो ऐसे कार्मिकों को अन्य विभागों में समकक्ष रिक्त पदों के सापेक्ष समायोजित करने की कार्यवाही की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अधिसंख्य पदों के सृजन का भी प्रावधान किया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए शासन स्तर पर अलग व्यवस्था अथवा समिति गठित की जाएगी।

सरकार ने प्रत्यक्ष अनुबंध पर कार्यरत पूर्व उपनल कार्मिकों को भी राहत देने का निर्णय लिया है। ऐसे कार्मिकों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार न्यूनतम वेतन और अनुमन्य महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।

हालांकि निगमों, परिषदों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत उपनल कार्मिकों के मामले में संबंधित संस्थाओं को अपने स्तर पर निर्णय लेना होगा। इन संस्थाओं में न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते पर आने वाला वित्तीय भार भी संबंधित संस्थाओं को अपने संसाधनों से वहन करना होगा।

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