वाण से वेदनी की ओर बढ़ी मां नंदा की बड़ी जात
नम आंखों से ग्रामीणों ने दी विदाई, जयकारों और जागरों से गूंजा वाण

–महिपाल गुसाईं की रिपोर्ट-
गोपेश्वर, 17 सितम्बर। मां नंदा की बड़ी जात गुरुवार को अंतिम आबादी वाले गांव वाण से गैरोली पातल होते हुए वेदनी की ओर रवाना हो गई। वाण से मां नंदा की डोली के प्रस्थान के साथ ही बड़ी जात अब उच्च हिमालय के दुर्गम और निर्जन पड़ावों की ओर बढ़ गई है। विदाई के समय वाण में माहौल भावुक हो उठा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां नंदा को विदा किया। जयकारों, जागरों और पारंपरिक मांगल गीतों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
बड़ी जात में 40 से अधिक छंतोलियों के साथ सैकड़ों देव निशान और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हैं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन के बीच जैसे ही मां नंदा की डोली आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर आशीर्वाद लिया और यात्रा के सकुशल संपन्न होने की कामना की। ग्रामीणों ने अपनी लोक परंपराओं के अनुरूप मां नंदा को भावभीनी विदाई दी।
डोली के वाण से प्रस्थान से पहले जिलाधिकारी गौरव कुमार ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मां नंदा का आशीर्वाद लिया। उन्होंने जनपद की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए बड़ी जात के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की। इसके बाद पारंपरिक रीति-रिवाजों और जयकारों के बीच डोली अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई।
बड़ी जात के उच्च हिमालयी क्षेत्र में प्रवेश को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने वाण पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्ग और पड़ाव पर श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आगामी निर्जन पड़ावों और यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा जहां भी आवश्यकता हो, व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त किया जाए।
वाण से आगे बड़ी जात का मार्ग कठिन और दुर्गम उच्च हिमालयी क्षेत्र से होकर गुजरता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में मां नंदा के प्रति आस्था और उत्साह बना हुआ है। श्रद्धालु जागर, लोकगीत और मांगल गीत गाते तथा मां नंदा के जयकारे लगाते हुए यात्रा में आगे बढ़ रहे हैं।
जिला प्रशासन के अनुसार यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं तथा अधिकारी उनकी निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से पर्वतीय मार्ग और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतने, निर्धारित मार्ग पर ही चलने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
इस दौरान थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वाण के ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
