राजस्व बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन सुधारने में विश्व बैंक की मदद लेगा उत्तराखंड
देहरादून, 18 सितम्बर। उत्तराखंड में राजस्व संग्रह बढ़ाने, वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और सरकारी वित्तीय व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए विश्व बैंक की सहायता से एसपीएफएम परियोजना लागू करने की तैयारी की जा रही है। परियोजना के तहत राज्य के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले विभागों और संस्थानों को शामिल किया जाएगा।
परियोजना की तैयारियों का जायजा लेने उत्तराखंड आए विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डिब्रिफिंग बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अब तक हुई प्रगति और आगे की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण दिया।
विश्व बैंक के प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना तैयार करने के दौरान राज्य के विभिन्न राजस्व संग्रह करने वाले विभागों और संस्थानों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया है। इनमें राज्य कर विभाग, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग, ट्रेजरी निदेशालय, ऑडिट विभाग और वन विकास निगम सहित राज्य सरकार के नियंत्रण वाले अन्य संगठन शामिल हैं। इन विभागों और संस्थानों की आवश्यकताओं को परियोजना के दायरे में शामिल किया जा रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य में राजस्व अर्जित करने वाले सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व बढ़ाने के लिए उन्हें जिस प्रकार की तकनीकी, संस्थागत अथवा अन्य सहायता की जरूरत है, उसे एसपीएफएम परियोजना के माध्यम से प्राप्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना का लक्ष्य केवल सरकारी आय बढ़ाना नहीं, बल्कि राज्य की समग्र वित्तीय व्यवस्था को अधिक सक्षम, पारदर्शी और प्रभावी बनाना भी है।
मुख्य सचिव ने परियोजना में डिजिटल नवाचार को विशेष प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं को सरल तथा सुगम बनाया जाए, ताकि परियोजना का प्रत्यक्ष लाभ आम लोगों तक भी पहुंचे। इसके साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्य की राजस्व क्षमता मजबूत करने, वित्तीय प्रबंधन में सुधार, राजस्व संग्रह की प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने और डिजिटल माध्यमों के बेहतर इस्तेमाल सहित परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
बैठक में विश्व बैंक की ओर से एस. कृष्णामूर्ति, अरविंद कुमार, आनंद और विकास तथा परियोजना की ओर से परियोजना निदेशक नवनीत पांडेय, अपर परियोजना निदेशक पी.सी. खरे और परियोजना प्रबंधन से भवतोष भट्ट उपस्थित रहे।
