ऋषिकेश के मॉडल पर केदारनाथ क्षेत्र के निरीक्षण भवन गंवाने की तैयारी : कांग्रेस पूर्व विधायक
देहरादून, 18 सितम्बर। केदारनाथ के पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवनों को निजी क्षेत्र को सौंपने की प्रस्तावित प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि ऋषिकेश के मायाकुंड स्थित लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह के पुनर्विकास के लिए जारी निविदा से सरकार की योजना का स्वरूप समझा जा सकता है। उनका कहना है कि इसी तरह की व्यवस्था भविष्य में दुग्गल बिट्टा और फाटा के निरीक्षण भवनों के मामले में भी अपनाई जा सकती है।
उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऋषिकेश के लोक निर्माण विभाग अतिथि गृह के पुनर्विकास के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत डीबीएफओटी आधार पर निविदा जारी होने की पुष्टि होती है। निविदा की पहचान संख्या 2026_IIDB2_99301_1 है। उपलब्ध सरकारी निविदा विवरण के अनुसार यह परियोजना डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और अंततः हस्तांतरण के आधार पर प्रस्तावित है।
कांग्रेस नेता ने जारी बयान में कहा कि ऋषिकेश की निविदा महज मौजूदा अतिथि गृह के संचालन की व्यवस्था नहीं है, बल्कि वहां उच्च श्रेणी का होटल विकसित करने की योजना है। उन्होंने दावा किया कि निविदा दस्तावेज में लगभग 10,120 वर्गमीटर भूमि पर चार सितारा अथवा उससे उच्च श्रेणी का होटल बनाने, मौजूदा ढांचे को हटाने और न्यूनतम 100 करोड़ रुपये के निवेश जैसी शर्तें रखी गई हैं।
उनके अनुसार परियोजना के लिए रियायत अवधि 60 वर्ष रखी गई है और आगे 30 वर्ष तक विस्तार की व्यवस्था होने से इसकी संभावित अवधि 90 वर्ष तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि निविदा में सालाना रियायत शुल्क दो करोड़ रुपये, प्रत्येक तीन वर्ष में छह प्रतिशत वृद्धि और भूमि का वार्षिक किराया एक लाख रुपये जैसी शर्तें हैं। साथ ही बोलीदाता की न्यूनतम नेटवर्थ 300 करोड़ रुपये तथा होटल व्यवसाय में बड़े स्तर के अनुभव की पात्रता का प्रावधान बताया गया है।
उपलब्ध निविदा विवरण से इतना स्वतंत्र रूप से पुष्ट होता है कि यूआईआईडीबी ने ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पुनर्विकास के लिए खुली निविदा जारी की है और यह पीपीपी-डीबीएफओटी परियोजना है। निविदा 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुई थी और दो करोड़ रुपये की धरोहर राशि निर्धारित है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बोली जमा करने की अंतिम तारीख 28 सितम्बर है।
कांग्रेस नेता ने ऋषिकेश परियोजना को दुग्गल बिट्टा और फाटा से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि सरकार इन स्थानों पर स्थित लोक निर्माण विभाग की परिसंपत्तियों का भी इसी तरह होटल परियोजनाओं के लिए उपयोग करना चाहती है। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी अवधि के लिए सरकारी भूमि और परिसंपत्तियां निजी क्षेत्र को दिए जाने से पहले इसकी शर्तों, सार्वजनिक हित और स्थानीय लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
हालांकि, दुग्गल बिट्टा और फाटा के निरीक्षण भवनों के लिए ऋषिकेश जैसी ही शर्तें लागू होने अथवा वहां पांच सितारा होटल बनाए जाने के कांग्रेस नेता के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध निविदा सूचनाओं से नहीं होती। इसलिए इन दोनों स्थानों के संबंध में उनके कथन को फिलहाल राजनीतिक दावा ही माना जाना चाहिए। यूआईआईडीबी की आधिकारिक निविदा सूची में ऋषिकेश पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पुनर्विकास की परियोजना दर्ज है।
कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि दुग्गल बिट्टा, फाटा सहित लोक निर्माण विभाग की ऐसी सभी परिसंपत्तियों के प्रस्तावों और उनकी शर्तों को सार्वजनिक किया जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि सरकारी संपत्तियों को लंबी अवधि के लिए निजी क्षेत्र को देने से राज्य और स्थानीय जनता को क्या लाभ मिलेगा।
मैंने इसमें बयान और सत्यापित तथ्य को अलग रखा है। खास तौर पर दुग्गल बिट्टा और फाटा में भी यही मॉडल लागू होने तथा पांच सितारा होटल बनने की बात को तथ्य के रूप में नहीं, कांग्रेस नेता के दावे के रूप में रखा है। ऋषिकेश की निविदा जारी होने की पुष्टि यूआईआईडीबी के आधिकारिक स्रोत से की गई है।
