अंकिता की बरसी पर कांग्रेस का धरना, ‘वीआईपी’ प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की मांग
गंगा भोगपुर में दी श्रद्धांजलि, गोदियाल बोले- जांच की प्रगति सार्वजनिक करे सरकार
देहरादून, 18 सितम्बर। अंकिता भंडारी हत्याकांड की चौथी बरसी पर शुक्रवार को कांग्रेस ने यमकेश्वर के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट के निकट श्रद्धांजलि सभा और धरना आयोजित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में हुए कार्यक्रम में पार्टी नेताओं ने अंकिता को श्रद्धांजलि देते हुए सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने और मामले से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ पहलू की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसके बावजूद कथित ‘वीआईपी’ पहलू को लेकर विवाद बना हुआ है। राज्य सरकार ने जनवरी 2026 में परिवार की मांग के बाद सीबीआई जांच का निर्णय लिया था।
धरने में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंकिता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना पूरे उत्तराखंड की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की प्रगति के बारे में स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। कांग्रेस यह भी जानना चाहती है कि मामले में लंबे समय से उठ रहे कथित ‘वीआईपी’ पहलू की जांच कहां तक पहुंची है।
चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह मामला केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि बेटियों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने राज्य सरकार पर महिला सुरक्षा के मामले में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने अंकिता प्रकरण में कथित ‘वीआईपी’ की पहचान सामने नहीं आने पर भी सवाल उठाए। उनके अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि कार्यक्रम में प्रस्तुत नहीं की गई।
धरने में पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी, शूरवीर सिंह सजवाण, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला, सूर्यकांत धस्माना, राजेंद्र सिंह भंडारी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता को न्याय देने और कथित ‘वीआईपी’ प्रकरण की सच्चाई सामने लाने की मांग को लेकर नारे लगाए।
