नशामुक्त उत्तराखंड की मुहिम तेज, शिक्षण संस्थानों से तस्करों के नेटवर्क तक निगरानी
देहरादून, 21 सितम्बर। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का दायरा अब नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही स्कूल-कालेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक बढ़ा दिया गया है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) जहां राज्य और राज्य के बाहर फैले नशा तस्करों के नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है, वहीं युवाओं को नशे से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर वर्ष 2022 में गठित एएनटीएफ नशा तस्करों की धरपकड़ और मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। सरकार के अनुसार अब तक बड़ी संख्या में नशा तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। नशा तस्करों के बारे में सटीक सूचना देने वाले नागरिकों के लिए इनाम की व्यवस्था भी की गई है। इसके तहत सूचना के आधार पर 20 हजार रुपये से लेकर दो लाख 40 हजार रुपये तक का इनाम दिया जा सकता है।
नशे के खिलाफ अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए रैलियां, नुक्कड़ नाटक, गोष्ठियां और अन्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। देहरादून और हल्द्वानी में जागरूकता दौड़ आयोजित की गई, जबकि स्कूल-कालेजों में एंटी ड्रग सेल के माध्यम से डिजिटल और हस्तनिर्मित पोस्टर प्रतियोगिताएं कराई गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद स्कूल-कालेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अभियान को और व्यापक किया जा रहा है।
शिक्षण संस्थानों से कहा गया है कि वे छात्रों से जुड़े नशे के मामलों को छिपाने के बजाय संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें। नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों तथा पीजी और छात्रावासों में रहने वाले छात्रों पर विशेष नजर रखने, गलत संगति की समय रहते पहचान करने और जरूरत पड़ने पर परामर्श तथा उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है। नशे से संबंधित सूचनाओं के लिए हेल्पलाइन 1933 का भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है।
एएनटीएफ ने नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार पर भी कार्रवाई तेज की है। देहरादून के सेलाकुई, हरिद्वार जिले के भगवानपुर और रुड़की, पौड़ी के कोटद्वार तथा पिथौरागढ़ में अवैध गतिविधियों से जुड़ी इकाइयों का भंडाफोड़ किया गया है। हाल में नकली दवाओं के संगठित गिरोह के मुख्य सरगना को बिजनौर के चांदपुर से गिरफ्तार किया गया। हल्द्वानी में एक मेडिकल स्टोर पर छापे के दौरान बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गईं।
हरिद्वार में एक मेडिकल स्टोर संचालक के आवास, फ्लैट और कार की तलाशी में कोडीनयुक्त सिरप की 200 अवैध बोतलें बरामद की गईं, जबकि देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर से 112 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए।
सरकार ने बाहरी राज्यों से मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण सहित संबंधित विभागों को साझा कार्ययोजना के तहत जोड़ा गया है। इसके साथ ही नशामुक्ति और पुनर्वास केंद्रों के आधुनिकीकरण तथा एएनटीएफ को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। युवाओं को नशे से दूर रखने और नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को इससे बाहर निकालने के लिए ‘दगड़िया क्लब’ के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
