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अंतरिक्ष स्टेशन पर मानव शरीर पर भारहीनता के असर का अध्ययन, नए चालक दल की तैयारी भी तेज

–A NASA Feature-

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नए सप्ताह की शुरुआत मानव शरीर पर भारहीनता के प्रभावों से जुड़े कई वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ हुई। एक्सपेडिशन-75 के अंतरिक्ष यात्रियों ने शरीर के माप, व्यायाम के दौरान मांसपेशियों और हड्डियों पर पड़ने वाले प्रभाव तथा श्वसन तंत्र में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया। इसके साथ ही आगामी चालक दल परिवर्तन की तैयारियों और दो मालवाहक अंतरिक्ष यानों से सामान उतारने तथा व्यवस्थित करने का काम भी जारी रहा।

स्टेशन कमांडर जेसिका मेयर और नासा के फ्लाइट इंजीनियर जैक हैथवे ने कोलंबस प्रयोगशाला मॉड्यूल में एक-दूसरे के शरीर के विभिन्न माप लिए। इन आंकड़ों को चिकित्सकों के विश्लेषण के लिए पृथ्वी पर भेजा गया। वैज्ञानिक यह जानना चाहते हैं कि लंबे समय तक भारहीन वातावरण में रहने से अंतरिक्ष यात्रियों की ऊंचाई और शरीर की परिधि में किस तरह बदलाव आता है। अंतरिक्ष में रीढ़ की हड्डी के फैलने, शरीर के विभिन्न हिस्सों की परिधि बदलने और तरल पदार्थ के सिर की ओर स्थानांतरित होने जैसी शारीरिक प्रक्रियाएं देखी जाती हैं। इस अध्ययन से अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अधिक उपयुक्त अंतरिक्ष पोशाक तैयार करने और उनकी स्वास्थ्य निगरानी बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

मेयर ने बाद में नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन के साथ साइग्नस एक्सएल मालवाहक अंतरिक्ष यान में सामान व्यवस्थित किया। दोनों ने उस सामग्री को भी तैयार किया, जिसे अगले महीने स्पेसएक्स क्रू-12 मिशन की समाप्ति पर ड्रैगन अंतरिक्ष यान से पृथ्वी पर वापस लाया जाना है। मेनन ने ड्रैगन के स्टेशन तक पहुंचने और उससे जुड़ने की प्रक्रिया की निगरानी करने वाले उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण भी लिया। अगला ड्रैगन अंतरिक्ष यान अक्टूबर के आरंभ में क्रू-13 मिशन के साथ स्टेशन पहुंचने के लिए निर्धारित है।

जैक हैथवे ने मालवाहक अंतरिक्ष यानों से जुड़े कार्यों में सहयोग करने के बाद हार्मनी मॉड्यूल में त्रिआयामी कोलाइडल क्रिस्टलों की वैज्ञानिक तस्वीरें लीं। तरल में निलंबित अत्यंत छोटे कणों से बनने वाली इन संरचनाओं के अध्ययन का उद्देश्य अंतरिक्ष में उन्नत सामग्री निर्माण की संभावनाओं को समझना है। भविष्य में इससे पृथ्वी और अंतरिक्ष, दोनों जगह उद्योगों को लाभ मिल सकता है।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडनॉट ने ट्रैंक्विलिटी मॉड्यूल में उन्नत प्रतिरोधक व्यायाम प्रणाली पर अभ्यास करते हुए अपनी गतिविधियों को दर्ज कराया। इसके लिए गति दर्ज करने वाली प्रणाली और विशेष चिह्नकों का इस्तेमाल किया गया। वैज्ञानिक इन आंकड़ों के आधार पर यह समझने का प्रयास कर रहे हैं कि भारहीनता में व्यायाम के दौरान मांसपेशियों पर कितना बल और हड्डियों पर कितना तनाव पड़ता है। यह अध्ययन चंद्रमा और मंगल जैसे लंबे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को स्वस्थ रखने के लिए अधिक प्रभावी व्यायाम पद्धतियां विकसित करने में उपयोगी हो सकता है।

इस बीच शनिवार को पोइस्क मॉड्यूल से जुड़े रूसी मालवाहक अंतरिक्ष यान प्रोग्रेस-96 से लगभग तीन टन भोजन, ईंधन और अन्य सामग्री उतारने का काम भी जारी है। रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री प्योत्र डबरोव और अन्ना किकिना ने सामान उतारने के साथ श्वसन तंत्र पर भारहीनता के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने गर्दन पर विशेष ध्वनिक उपकरण पहनकर तेजी से सांस छोड़ने की दर दर्ज कराई।

रोस्कोस्मोस के आंद्रेई फेद्याएव ने किकिना की सहायता से शरीर के निचले हिस्से में ऋणात्मक दबाव पैदा करने वाली विशेष पोशाक का परीक्षण किया। यह प्रणाली अंतरिक्ष में शरीर के तरल पदार्थ के सिर की ओर खिसकने की प्रक्रिया को उलटने में मदद करती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे लंबी अंतरिक्ष यात्रा के बाद पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के अनुरूप शरीर को फिर से ढालना आसान हो सकता है। फेद्याएव ने बाद में स्वचालित पृथ्वी-अवलोकन उपकरण भी सक्रिय किए, जिनके जरिए एशिया, प्रशांत महासागर और उत्तरी अमेरिका की तस्वीरें ली जानी है।

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