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खटीमा में तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव शुरू

 

देशभर की जनजातीय संस्कृतियों का संगम, पारंपरिक नृत्य-संगीत और वेशभूषा बनी आकर्षण का केंद्र

खटीमा, 4 अक्टूबर। देश के विभिन्न हिस्सों की जनजातीय संस्कृति, लोककला और परंपराओं को एक मंच पर लाने वाले तीन दिवसीय उत्तराखंड आदि रंगोत्सव का रविवार को खटीमा में भव्य शुभारंभ हुआ। राजस्थान से मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश से महाराष्ट्र तक विभिन्न राज्यों से पहुंचे जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, लोकसंगीत और रंग-बिरंगी वेशभूषा के जरिए भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक पेश की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्ज्वलित कर रंगोत्सव का शुभारंभ किया। समारोह में केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम, केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

रंगोत्सव में उत्तराखंड के साथ राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, मिजोरम और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के जनजातीय कलाकार भाग ले रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों की लोकधुनों, नृत्य शैलियों और पारंपरिक परिधानों ने आयोजन को देश की जनजातीय संस्कृतियों के संगम में बदल दिया। मुख्यमंत्री धामी ने भी कलाकारों के साथ नृत्य किया और ढोल बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया।

आयोजन के दौरान जनजातीय शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणा हुई। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम ने खटीमा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विस्तार और सुविधाओं के विकास के लिए करीब 10 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले छात्रावास की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण जल्द शुरू होगा। विद्यालय में 240 बालकों और 240 बालिकाओं सहित कुल 480 विद्यार्थियों के अध्ययन की क्षमता होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने पिथौरागढ़ क्षेत्र में भी एक आवासीय एकलव्य विद्यालय स्थापित करने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया। उन्होंने कहा कि आदि रंगोत्सव जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उत्तराखंड में थारू, बोक्सा, जौनसारी, राजी सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है।

कार्यक्रम में जनजातीय समाज के लिए संचालित आवास और शिक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी गई। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत राज्य में पहले चरण में 824 और दूसरे चरण में 101 आवास बनाए जाने की जानकारी दी गई। बाजपुर में 100 बेड का बालक छात्रावास बनाया जा रहा है, जबकि बालिका छात्रावास के लिए चार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। थारू राजकीय इंटर कॉलेज के सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण का कार्य भी चल रहा है।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश के जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने रंगोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों और प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विविधता को देश की महत्वपूर्ण विरासत बताया।

समारोह में खटीमा के अंजनिया गांव निवासी बीएसएफ जवान मोहन सिंह राणा और चारूबेटा की टीला सेन को माउंट एवरेस्ट फतह करने पर बधाई दी गई। दोनों की उपलब्धि को थारू समाज और उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया गया।

तीन दिनों तक चलने वाले आदि रंगोत्सव में विभिन्न राज्यों की जनजातीय कला, नृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विरासत की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। आयोजन का उद्देश्य अलग-अलग जनजातीय समुदायों को साझा मंच देने के साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को व्यापक स्तर पर सामने लाना है।

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