दुबई में गूंजी देवभूमि की लोकधुनें, उत्तराखंडी गीतों पर झूमे प्रवासी
गौचर, 27 अक्टूबर (गुसाईं)। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली। उत्तराखंड की प्रसिद्ध लोक गायिका एवं जागर साम्राज्ञी हेमा नेगी करासी सहित अन्य कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से प्रवासी उत्तराखंडियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक लोकगीतों और ढोल-दमाऊ की थाप पर दर्शक जमकर झूमे।
कार्यक्रम में लोक गायिका हेमा नेगी करासी के अलावा ललित मोहन जोशी, गजेंद्र राणा, श्वेता बिष्ट और चंद्रप्रकाश ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। पारंपरिक पहाड़ी परिधान घाघरा, अंगड़ी, नथ और आभूषणों से सुसज्जित होकर हेमा नेगी करासी जैसे ही मंच पर पहुंचीं, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने उत्तराखंड की लोक परंपराओं से जुड़े जागर, मांगल गीतों तथा थड़िया और चौंफला की प्रस्तुतियों से दर्शकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों की याद दिला दी।
हेमा नेगी करासी की सुरीली आवाज और ढोल-दमाऊ की थाप ने कार्यक्रम में ऐसा रंग जमाया कि प्रवासी उत्तराखंडी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। सात समंदर पार उत्तराखंड की लोकधुनों ने प्रवासियों को अपनी मातृभूमि की यादों से सराबोर कर दिया।
आयोजकों के अनुसार, विदेशों में इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों का मुख्य उद्देश्य प्रवासी उत्तराखंडियों, विशेषकर नई पीढ़ी को अपनी भाषा, लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखना है। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों ने सभी कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंडी लोक संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

