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आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों, पेयजल योजनाओं और विद्यालयों की मरम्मत में तेजी लाने के निर्देश

राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति ने की जिलावार समीक्षा, प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्र जनजीवन सामान्य बनाने पर जोर

 

देहरादून, 31 अक्टूबर। राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला और लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और सिंचाई जैसी आवश्यक सेवाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में आपदा के कारण बंद और क्षतिग्रस्त सड़कों की जिलावार स्थिति की समीक्षा करते हुए विनय रुहेला ने कहा कि सड़क संपर्क बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। सड़कों के अवरुद्ध रहने से न केवल आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है, बल्कि राहत सामग्री की आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं के संचालन में भी कठिनाइयां आती हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से बंद सड़कों को शीघ्र खोलने तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

रुहेला ने आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की स्थिति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों से कहा कि प्रभावित बस्तियों में पेयजल आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए। जिन योजनाओं की मरम्मत आवश्यक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

बैठक में बाढ़ सुरक्षा और नदी तटों के संरक्षण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षात्मक निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे करने के निर्देश दिए गए। जिन कार्यों के लिए शासन की स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव सभी औपचारिकताएं पूरी कर तत्काल भेजने को कहा गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रस्ताव तैयार करने, उन्हें शासन भेजने और स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।

समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी ने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त सरकारी परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण और मरम्मत संबंधी प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण कर स्वीकृति की कार्रवाई की जाए। उन्होंने क्षति के आकलन से लेकर निर्माण कार्य शुरू होने तक संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

विद्यालयों को हुई क्षति की समीक्षा के दौरान भंडारी ने क्षतिग्रस्त भवनों के साथ ही पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की बहाली और भवनों की मरम्मत प्राथमिकता से कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो तथा उन्हें सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

बैठक में आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई नहरों की मरम्मत शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि सिंचाई व्यवस्था बाधित रहने से किसानों की खेती प्रभावित हो सकती है, इसलिए नहरों की पुनर्बहाली में देरी नहीं होनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से कृषि और अन्य क्षेत्रों को हुए नुकसान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में क्षति का आकलन शीघ्र पूरा करने तथा पात्र प्रभावितों को नियमानुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी और संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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