दिल्ली में 28 अप्रैल को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की बैठक चीन के रक्षा मंत्री भी भाग लेंगे

रक्षा मंत्री अन्य मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा, शंघाई सहयोग संगठन के भीतर आतंकवाद विरोधी प्रयासों और एक प्रभावी बहुपक्षवाद से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
वर्ष 2023 में भारत की शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता का विषय ‘शंघाई सहयोग संगठन को सुरक्षित करना’ है। भारत इस क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को प्रोत्साहन देने में शंघाई सहयोग संगठन को विशेष महत्व देता है। शंघाई सहयोग संगठन के साथ चल रहे संपर्क ने भारत को उस क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंधों को प्रोत्साहन देने में सहायता की है जिसके साथ भारत ने सभ्यतागत संबंध साझा किए हैं, और इसे भारत का विस्तारित पड़ोस माना जाता है।
शंघाई सहयोग संगठन सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, सभी सदस्य देशों की समानता और उनमें से प्रत्येक की राय के लिए आपसी समझ और सम्मान के सिद्धांतों के आधार पर अपनी नीति का पालन करता है।
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भाग लेने वाले देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
