सेना के राफ्टिंग अभियान का समापन, 145 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा पूरी

ऋषिकेश, 12 अक्टूबर। भारतीय सेना के आर्मी सर्विस कोर (एएससी) का श्वेत जल राफ्टिंग अभियान-2026 अलकनंदा और गंगा की चुनौतीपूर्ण जलधाराओं में लगभग 145 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। रविवार, 11 अक्टूबर को आयोजित समापन समारोह में सेना के आपूर्ति एवं परिवहन महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने अभियान दल के सदस्यों को सम्मानित किया।
आर्मी सर्विस कोर के आदर्श वाक्य ‘सेवा ही हमारा धर्म है’ के अनुरूप आयोजित इस अभियान का उद्देश्य सैन्यकर्मियों में साहस, अनुशासन, सहनशक्ति, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक कार्य की भावना विकसित करना था।
अभियान दल में दो अधिकारी, दो जूनियर कमीशंड अधिकारी और अन्य रैंक के 12 सैन्यकर्मी शामिल थे। अभियान से पहले दल ने 21 सितंबर से तीन अक्टूबर तक रायवाला स्थित एएएनसी में बुनियादी श्वेत जल राफ्टिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान सैन्यकर्मियों को नदी की तेज धाराओं में नौकायन, सुरक्षा उपायों और आपात परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया।
सात अक्टूबर को रुद्रप्रयाग से शुरू हुआ अभियान अलकनंदा और गंगा की तेज एवं अनिश्चित जलधाराओं से गुजरते हुए ऋषिकेश पहुंचा। पांच दिनों की इस यात्रा में दल को कई दुर्गम जलमार्गों और खतरनाक तीव्र धाराओं का सामना करना पड़ा। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सभी सदस्यों ने अनुशासन, साहस और आपसी समन्वय का परिचय देते हुए निर्धारित लक्ष्य पूरा किया।
समापन स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज और आर्मी सर्विस कोर के ध्वज के साथ राफ्टों के पहुंचने पर अभियान दल का स्वागत किया गया। समारोह में दल के कप्तान ने महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा को स्मृति-चिह्न भेंट किया।
इस अवसर पर अभियान में शामिल सैन्यकर्मियों को उनके साहस, समर्पण और सफल भागीदारी के लिए महानिदेशक पदक, अभियान पूर्णता पदक तथा प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों को भी उनके पेशेवर कौशल और योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अभियान की योजना, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और संचालन में योगदान देने वाले समन्वयकारी इकाई के सैन्यकर्मियों को भी महानिदेशक पदक प्रदान किए गए।
समारोह का समापन सामूहिक छायाचित्र के साथ हुआ। सेना के अनुसार, इस अभियान ने कठिन प्राकृतिक परिस्थितियों में सैन्यकर्मियों की कार्यक्षमता, मानसिक दृढ़ता और सामूहिक चुनौतियों का सामना करने की क्षमता को प्रदर्शित किया।

