राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्यों को 6,406 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता, उत्तराखंड को मिले 228 करोड़ रुपये
नई दिल्ली/देहरादून, 4 अगस्त। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत वर्ष 2014-15 से 2025-26 के दौरान देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आयुष सेवाओं और अवसंरचना के विकास के लिए 6,40,699.24 लाख रुपये (करीब 6,407 करोड़ रुपये) जारी किए हैं। इस अवधि में उत्तराखंड को 22,814.64 लाख रुपये (करीब 228.15 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने बताया कि देश में नए आयुष संस्थानों, एकीकृत आयुष अस्पतालों और आयुष अवसंरचना की स्थापना का दायित्व राज्यों का है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है, ताकि आयुष स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जा सके।
उत्तराखंड को मिली इस सहायता का उपयोग राज्य सरकार राष्ट्रीय आयुष मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयुष संस्थानों और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में कर सकती है। योजना के तहत 10, 30 और 50 बिस्तरों वाले एकीकृत आयुष अस्पतालों की स्थापना, मौजूदा सरकारी आयुष अस्पतालों का उन्नयन, आयुष औषधालयों के लिए नए भवनों का निर्माण, जर्जर भवनों की मरम्मत तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) के संचालन जैसी गतिविधियों को सहायता दी जाती है। जिन क्षेत्रों में आयुष सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां नए आयुष औषधालय स्थापित करने के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
मंत्री ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं (SAAP) के आधार पर ही धनराशि स्वीकृत की जाती है। जिन राज्यों में सरकारी आयुष शिक्षण संस्थानों की उपलब्धता कम है, वहां आयुष अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक 1,06,421.56 लाख रुपये मिले हैं। इसके बाद राजस्थान को 51,051.27 लाख रुपये, मध्य प्रदेश को 47,884.45 लाख रुपये, केरल को 40,420.12 लाख रुपये, तमिलनाडु को 30,890.64 लाख रुपये, कर्नाटक को 28,942.03 लाख रुपये तथा जम्मू-कश्मीर को 28,857.50 लाख रुपये जारी किए गए। उत्तराखंड को 22,814.64 लाख रुपये मिले, जो कई बड़े राज्यों और अधिकांश पर्वतीय एवं पूर्वोत्तर राज्यों से अधिक है। तुलना के लिए हिमाचल प्रदेश को 21,112.90 लाख रुपये, पंजाब को 7,207.76 लाख रुपये, हरियाणा को 16,484.91 लाख रुपये और ओडिशा को 11,941.69 लाख रुपये जारी किए गए।
केंद्र सरकार के अनुसार राष्ट्रीय आयुष मिशन का उद्देश्य आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी (AYUSH) से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और मजबूत बनाना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करना तथा स्वास्थ्य अवसंरचना को सुदृढ़ करना है। मंत्री ने कहा कि राज्यों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
