सात सूत्रीय मांगों को लेकर आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सकों ने शुरू किया विरोध प्रदर्शन
गौचर, 8 जून (गुसाईं)। राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा संघ ने अपनी सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में सोमवार से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संघ ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर चरणबद्ध आंदोलन के बाद 15 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली ने बताया कि चिकित्सक संवर्ग के लिए विभागीय निदेशक की नियुक्ति, वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियों (एसीआर) का समयबद्ध निस्तारण कर एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ प्रदान करने, डीएसीपी लागू करने, विभागीय ढांचे के पुनर्गठन तथा पदोन्नति के अवसर बढ़ाने की मांग लंबे समय से लंबित है।
इसके अलावा चिकित्सा अधिकारी संवर्ग को सेवा अवधि के दौरान स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अध्ययन हेतु तीन वर्ष के पूर्ण वेतन सहित अवकाश की व्यवस्था, वर्ष 2024 बैच के चिकित्साधिकारियों का स्थायीकरण तथा मोबाइल ऐप आधारित उपस्थिति और आधार आधारित बायोमेट्रिक व्यवस्था से उत्पन्न समस्याओं के समाधान की भी मांग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक 8 से 10 जून तक काली पट्टी बांधकर ओपीडी सेवाओं का संचालन करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 11 और 12 जून को आधे दिन ही ओपीडी संचालित की जाएगी।
डॉ. कोहली ने कहा कि यदि इसके बावजूद शासन स्तर पर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 13 जून को पूर्ण रूप से ओपीडी बंद रखकर सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान न होने की स्थिति में 15 जून से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी।
