दायित्वधारियों की नियुक्तियां राजनीतिक पुनर्वास का माध्यम: कांग्रेस

देहरादून, 8 जून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने धामी सरकार द्वारा दायित्वधारियों की एक और सूची जारी किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि आर्थिक चुनौतियों और बढ़ते कर्ज से जूझ रहे उत्तराखंड में सरकार जनता के मुद्दों के बजाय भाजपा नेताओं के राजनीतिक पुनर्वास में लगी हुई है।
दसौनी ने कहा कि मार्च 2017 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल समाप्त होने के समय राज्य पर 44,583 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो मार्च 2026 तक बढ़कर लगभग एक लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के लिए संसाधनों की कमी का हवाला देती है, लेकिन दायित्वधारियों की नियुक्तियों और उनसे जुड़ी सुविधाओं पर उदारता दिखाती है।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि पिछले वर्षों में नियुक्त दायित्वधारियों से राज्य को क्या ठोस लाभ मिला है। साथ ही मांग की कि सरकार इन नियुक्तियों पर हुए व्यय और उनके परिणामों को लेकर श्वेत पत्र जारी करे, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में हजारों पद रिक्त हैं और युवा रोजगार के अभाव में पलायन को मजबूर हैं। इसके बावजूद सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय राजनीतिक नियुक्तियों को प्राथमिकता दे रही है।
उन्होंने गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संस्थाओं को पर्यटन और प्रबंधन क्षेत्र के अनुभवी एवं विशेषज्ञ व्यक्तियों की आवश्यकता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि हालिया नियुक्तियां योग्यता के आधार पर की गई हैं या राजनीतिक निष्ठा के आधार पर।
दसौनी ने कहा कि कांग्रेस जनता के धन के दुरुपयोग और राजनीतिक संरक्षण की संस्कृति का विरोध जारी रखेगी तथा सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का काम करती रहेगी।
