बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कांग्रेस का मौन उपवास व धरना
बद्रीनाथ/ज्योतिर्मठ, 7 जुलाई (कपरुवाण)। विश्वप्रसिद्ध भू-बैकुंठ धाम श्री बदरीनाथ में मंगलवार को बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंहद्वार के समीप मौन उपवास एवं शांतिपूर्ण धरना देकर बदरीनाथ धाम में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता अत्यंत गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अयोध्या में चंदे को लेकर सवाल उठे थे, उसी प्रकार बदरीनाथ धाम से जुड़े इस प्रकरण की भी निष्पक्ष जांच कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि सरकार इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रहती है, तो यह श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ अन्याय होगा।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अपारदर्शिता के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक गरिमा तथा श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आवश्यक है।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, पूर्व प्रमुख हरीश परमार, ग्राम प्रधान माणा धर्मेंद्र चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य बीना देवी, सरपंच बामणी जसबीर मेहता, पूर्व प्रधान पीतांबर मोल्फा, पूर्व कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष विक्रम फरस्वाण, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं नगर पंचायत बदरीनाथ के पूर्व अध्यक्ष बलदेव मेहता, पं. बाबूलकर, पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रावत, प्रधान भंग्यूल मिथलेश फरस्वाण, अजीतपाल रावत, निश्चय मेहता, अम्मू कन्नी, कपिल कुंवर, रीना रावत, महिला मंगल दल अध्यक्ष माणा विमला देवी, सरिता देवी, गुलाबी देवी, सरपंच रघुवीर परमार, गजेंद्र सिंह बड़वाल, सुरेंद्र सिंह बड़वाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि सरकार शीघ्र ही निष्पक्ष जांच की घोषणा नहीं करती है, तो जनभावनाओं के सम्मान में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
यदि चाहें, इसे और अधिक अखबारी (हार्ड न्यूज़) शैली में भी तैयार किया जा सकता है।
