दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं, तीन फुट ओवर ब्रिज को मंजूरी
देहरादून से दिल्ली के बीच विकसित हो रहे नए एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड में पार्किंग, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग और सौर ऊर्जा की भी व्यवस्था

देहरादून/नई दिल्ली, 23 सितम्बर। दिल्ली और देहरादून के बीच सड़क संपर्क को नया स्वरूप देने वाले दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यात्री और जनसुरक्षा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड में दो फुट ओवर ब्रिज की आधारशिला रखी गई है, जबकि तीसरे फुट ओवर ब्रिज को भी मंजूरी मिल गई है। तीनों पर कुल 12.8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
करीब 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड की राजधानी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसके पूरी तरह परिचालन में आने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच सड़क यात्रा का समय मौजूदा लगभग छह घंटे से घटकर करीब ढाई घंटे होने का अनुमान है। यह गलियारा दिल्ली से बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून को जोड़ेगा। इसके कारण दिल्ली-एनसीआर से देहरादून और उत्तराखंड के अन्य हिस्सों तक आवागमन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बुधवार को एक्सप्रेसवे के गीता कॉलोनी-गांधी नगर और रमेश पार्क, लक्ष्मी नगर क्षेत्र में दो फुट ओवर ब्रिज की आधारशिला रखी। भजनपुरा के गढ़ी मेंडू के पास तीसरे फुट ओवर ब्रिज को स्वीकृति दी गई है। एक्सप्रेसवे का दिल्ली वाला हिस्सा घनी आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरता है, इसलिए इन स्थानों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अलग व्यवस्था की जा रही है।
तीनों फुट ओवर ब्रिज लिफ्ट से सुसज्जित होंगे। इससे वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विद्यार्थियों और श्रमिकों सहित स्थानीय लोगों को एक्सप्रेसवे पार करने में सुविधा होगी। इससे पैदल यात्रियों और तेज गति से चलने वाले वाहनों के बीच दुर्घटना की आशंका कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दिल्ली खंड में केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ी दूसरी सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। एलिवेटेड हिस्से के नीचे पार्किंग सुविधाओं का निर्माण शुरू किया गया है और व्यापक सौंदर्यीकरण योजना पर भी काम चल रहा है। खाली स्थानों का उपयोग पार्किंग के साथ इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग केंद्र, शौचालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए किया जाएगा।
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर सौर पैनल लगाने का काम भी किया जा रहा है। इनके माध्यम से राजमार्ग की ऊर्जा जरूरतों में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने और परंपरागत बिजली पर निर्भरता कम करने की योजना है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के लिहाज से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से संपर्क की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके पूरी तरह खुलने पर देहरादून के साथ मसूरी, ऋषिकेश और आगे चारधाम तथा गढ़वाल क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को भी तेज सड़क संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही देहरादून में प्रवेश करने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए शहर के प्रवेश मार्गों, पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में एक्सप्रेसवे के साथ देहरादून की स्थानीय यातायात व्यवस्था को उसकी बढ़ी हुई क्षमता के अनुरूप तैयार करना भी महत्वपूर्ण होगा।
