डीआरडीओ और भारतीय वायुसेना ने संयुक्त रूप से लंबी दूरी के बम का सफल परीक्षण किया

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नयी दिल्ली,30  अक्टूबर (PIB )

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की टीम ने संयुक्त रूप से दिनांक 29 अक्टूबर, 2021 को एकएरियल प्लेटफॉर्म से स्वदेशी रूप से विकसित लॉन्ग-रेंज बम (एलआरबी) कासफलतापूर्वक परीक्षण किया। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान से दागे जानेके बाद एलआर बम को निर्दिष्ट सीमाओं के भीतर सटीकता के साथ लंबी दूरी परस्थित भूमि-आधारित लक्ष्य के लिए निर्देशित किया गया। इस मिशन के सभीउद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उड़ीसा में एकीकृत परीक्षणरेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस), टेलीमेट्री और रडार सहित कई रेंज सेंसर द्वारा बम की फ्लाइट और प्रदर्शन कीनिगरानी की गई थी।

Defence Research and Development Organisation (DRDO) and Indian Air Force (IAF) team jointly flight tested indigenously developed Long-Range Bomb (LRB) successfully from an aerial platform on October 29, 2021.

एलआर बम को अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के समन्वय में हैदराबादस्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला, रिसर्च सेंटर इमारत द्वारा डिजाइन और विकसितकिया गया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय वायुसेनाऔर सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी अन्य टीमों को बधाई दी है और कहा है कि यहभारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा।

डीडीआर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी. सतीशरेड्डी ने टीमों को अपने संदेश में कहा कि लंबी दूरी के बम के सफल उड़ानपरीक्षण ने इस वर्ग की प्रणाली के स्वदेशी विकास में एक महत्वपूर्ण मील कापत्थर हासिल किया है।

एमजी/एएम/एबी/केजे

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की टीम ने संयुक्त रूप से दिनांक 29 अक्टूबर, 2021 को एकएरियल प्लेटफॉर्म से स्वदेशी रूप से विकसित लॉन्ग-रेंज बम (एलआरबी) कासफलतापूर्वक परीक्षण किया। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान से दागे जानेके बाद एलआर बम को निर्दिष्ट सीमाओं के भीतर सटीकता के साथ लंबी दूरी परस्थित भूमि-आधारित लक्ष्य के लिए निर्देशित किया गया। इस मिशन के सभीउद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उड़ीसा में एकीकृत परीक्षणरेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रैकिंग सिस्टम (ईओटीएस), टेलीमेट्री और रडार सहित कई रेंज सेंसर द्वारा बम की फ्लाइट और प्रदर्शन कीनिगरानी की गई थी।

एलआर बम को अन्य डीआरडीओ प्रयोगशालाओं के समन्वय में हैदराबादस्थित डीआरडीओ प्रयोगशाला, रिसर्च सेंटर इमारत द्वारा डिजाइन और विकसितकिया गया है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, भारतीय वायुसेनाऔर सफल उड़ान परीक्षण से जुड़ी अन्य टीमों को बधाई दी है और कहा है कि यहभारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक फ़ोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा।

डीडीआर एंड डी के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. जी. सतीशरेड्डी ने टीमों को अपने संदेश में कहा कि लंबी दूरी के बम के सफल उड़ानपरीक्षण ने इस वर्ग की प्रणाली के स्वदेशी विकास में एक महत्वपूर्ण मील कापत्थर हासिल किया है।

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