सड़क निर्माण में मानकों की उपेक्षा नंदा राजजात मार्ग के कई गांवों के लिए ला सकती है आफत

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थराली से हरेंद्र बिष्ट-

अब कांडेई-ताजपुर-इजरपाट निर्माणाधीन मोटर मार्ग के निर्माण में मानकों की अनदेखी इस सड़क के साथ ही एक दर्जन से अधिक गांवों की ग्रामीण जनता की लाईफ लाईन के साथ ही सिद्धपीठ वांण, वेदनी बुग्याल, आली बुग्याल, रूपकुंड, भैकलताल जैसे पर्यटक स्थलों का एक मात्र थराली-देवाल-मंदोली-वांण राजमार्ग के अस्तित्व के साथ ही ल्वाणी गांव के कई मकानों के लिए खतरनाक साबित हो रही है। कार्यदाई संस्था एनपीसीसी की घोर लापरवाही के चलते कभी भी इजरपाट निर्माणाधीन मोटर सड़क के कारण बड़ी दुर्घटना घट सकती हैं।

 

दरअसल पिछले वर्ष सितंबर माह में एनपीसीसी के द्वारा विकासखंड देवाल के अंतर्गत ल्वाणी गांव से कांडेई-ताजपुर-इजरपाट नाम से 5 किमी मोटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया था। कार्य शुरू होने के बाद से ही इस सड़क के एलाइनमेंट, डंपिंग जोन, बांज, बुरांश के पेड़ों के भारी कटान एवं डंपिंग जोन के अभाव में अवैध रूप से पेड़ों के दबान का मामला सुर्खियों में रहा था। किंतु  समय  बीतने के साथ मामला राज्य के अन्य तमाम मामलों की तरह ही दबता चला गया। अब इस  दबे मामले की हकीकत  एक बार फिर से क्षेत्र में पिछले दिनों से हों रही बारिश ने खोल कर रख दी है।

 

गत दिनों से हो रही बारिश के कारण थराली से वांण राजमार्ग के किमी 27 में लगातार इजरपाट सड़क से हल्की बारिश के कारण भी भारी मात्रा में पत्थर, मलबा मुख्य मोटर सड़क पर आता जा रहा है। जिसके कारण आये दिन बारिश होने के कारण सड़क वाहनों के साथ ही आम लोगों के पैदल चलने तक के लिए बंद होने लगा है।

बुधवार एवं गुरूवार को क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण थराली-वांण राजमार्ग पर पानी इस कदर बहनें लगा कि मानों यहां पर कोई नदी बह रही हों। ग्रामीणों ने बताया कि एनपीसीसी के द्वारा बारिश के कारण एवं मानकों के अनुरूप डंपिंग जोनों के अभाव में लोनिवि थराली के अनुरक्षण एवं रखरखाव में चल रहे थराली-वांण राजमार्ग पर मलबा, पत्थर आने के बाद एनपीसीसी के द्वारा इसे अंयत्र सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के बजाय राजमार्ग के किनारे ही डंप कर रहा हैं। जिससे कि सड़क की पहाड़ियों से बारिश के कारण आने वाला पानी राजमार्ग पर काफी दूरी तक बह कर इस मार्ग को भी भारी क्षति पहुचा रहा हैं। यही नही अचानक गिर रहें मलबे, पत्थर के कारण आने जाने वाले वाहनों, स्कूली बच्चों, आसपास के पैदल आवागमन करने वाले लोगों के लिए खतरनाक बन गया हैं। इसके अलावा इजरपाट सड़क के कारण ल्वाणी गांव के कई परिवारों के आवासीय मकानों को खतरा बन गया हैं।

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राजमार्ग के लगातार बंद होने की समस्या को लेकर एनपीसीसी की कार्यप्रणाली को लेकर इस क्षेत्र के पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष पुष्कर फर्स्वाण, पूर्व प्रधान गंगा सिंह, महिपाल सिंह क्षेपंस किशोर घुनियाल, महावीर बिष्ट,हरीकृष्ण पांडे आदि ने थराली के उपजिलाधिकारी को संबोधित एक पत्र तहसीलदार प्रदीप नेगी को सौपा था।जिस पर तहसीलदार ने तत्काल कार्रवाई का भरोसा दिया था। बावजूद इसके आपदा की दृष्टि से संवेदनशील बन गए राजमार्ग के किमी 27 एवं ल्वाणी गांव का निरीक्षण करने तक एनपीसीसी के जिम्मेदार अधिकारी पहुंचे तक नही।इस पर देवाल की पूर्व प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने रोष जताते हुए एनपीसीसी की कार्यप्रणाली एवं गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र में सुचारू यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने, सड़क के कारण प्रभावित हों रहें पीड़ितों की सहायता करने की मांग उठाई है।

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