पीएम श्री विद्यालयों में अब बच्चों की भावनात्मक और नैतिक शिक्षा पर भी जोर
देहरादून, 14 सितम्बर। उत्तराखंड के पीएम श्री विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ अपनी भावनाओं को समझने, दूसरों के प्रति संवेदनशील बनने, बेहतर सामाजिक संबंध बनाने और सही-गलत के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने की दिशा में नई पहल शुरू की जा रही है। इसके लिए सामाजिक, भावनात्मक एवं नैतिक अधिगम (एसईईएल) कार्यक्रम लागू किया जाएगा। दावा किया गया है कि पीएम श्री विद्यालयों में इस तरह का कार्यक्रम शुरू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा।
कार्यक्रम को विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए राज्य शैक्षिक प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीमैट), देहरादून में प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों की राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई है। पहले चरण में उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के पीएम श्री विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिलों के अनुसार प्रशिक्षण कुल आठ चरणों में आयोजित किया जाएगा।
निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण वंदना गर्ब्याल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ज्ञान और सूचनाएं देना नहीं है। उनमें आत्मबोध, आत्मानुशासन, सहानुभूति, नैतिक विवेक, उत्तरदायित्व और स्वस्थ सामाजिक संबंध बनाने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है।
उप राज्य परियोजना निदेशक अजित भंडारी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पीएम श्री विद्यालयों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आदर्श केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। एसईईएल के माध्यम से ज्ञान, कौशल, मूल्य और व्यवहार को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम की राज्य नोडल अधिकारी डॉ. बीपी मंड़ोली ने बताया कि एसईईएल कोई अलग विषय नहीं होगा, बल्कि इसे विद्यालय की रोजमर्रा की गतिविधियों और पढ़ाई से जोड़ा जाएगा। कक्षाओं में संवाद, समूह कार्य, सहयोगात्मक अधिगम, परिस्थितियों पर आधारित चर्चा, चिंतन और अनुभवात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों में सामाजिक और भावनात्मक क्षमताएं विकसित की जाएंगी।
कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों के भावनात्मक विकास में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए शिक्षकों को आत्म-जागरूकता, भावनात्मक संतुलन, सहानुभूति, संवाद और नैतिक निर्णय क्षमता से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कार्यशाला में डायट उत्तरकाशी के शांति रतूड़ी, एससीईआरटी के सुनील भट्ट व प्रिया गुसाईं, डायट चमोली के बीरेंद्र कठैत और रुद्रप्रयाग की अमृता नौटियाल सहित सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का संचालन कर रहे हैं।
