हाउस ऑफ हिमालयाज’ का कारोबार छह करोड़ रुपये तक पहुंचा
5,500 ग्रामीण महिलाएं जुड़ीं, 83 उत्पादों को मिला साझा बाजार
देहरादून, 6 अक्टूबर। उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार स्थानीय उत्पादों के साझा ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ने शुरुआत से अब तक करीब छह करोड़ रुपये का कारोबार किया है। ब्रांड से राज्य के 55 क्लस्टर स्तरीय संघों की करीब 5,500 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं।
राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के तहत इस समय कुल 83 उत्पाद बाजार में उतारे गए हैं, जिनमें 60 विशिष्ट स्थानीय उत्पाद शामिल हैं। इनमें पहाड़ी दालें, मोटे अनाज, चावल, मसाले, शहद, तेल और घी के साथ हर्बल, बेकरी, व्यक्तिगत देखभाल और हस्तशिल्प उत्पाद शामिल हैं।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उत्पादकों की ओर से तैयार किए जाने वाले उत्पादों को एक साझा ब्रांड और बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। दिसंबर 2023 में देहरादून में आयोजित उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ब्रांड का लोकार्पण किया था।
ब्रांड का प्रमुख आधार ग्रामीण महिला समूह हैं। सरकार के मुताबिक, इससे जुड़े 55 क्लस्टर स्तरीय संघों की करीब 5,500 महिलाएं उत्पादन और इससे संबंधित आर्थिक गतिविधियों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। साझा ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन के जरिए इनके उत्पादों को स्थानीय बाजार से बाहर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
इन उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री का दायरा भी बढ़ाया गया है। हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ ब्लिंकिट, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसे मंचों पर उपलब्ध कराए गए हैं। ब्रांड की अपनी वेबसाइट के माध्यम से भी सीधे खरीद की सुविधा है। सरकार का कहना है कि अमेजन ग्लोबल के माध्यम से कुछ उत्पाद अमेरिका और कनाडा के बाजार तक भी पहुंचाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादों के लिए बड़ा बाजार तैयार कर महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और स्थानीय उत्पादकों की आय बढ़ाना है। सरकार अब ब्रांड की पहुंच घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने पर काम कर रही है।

