मुख्य भवन के अभाव में जर्जर भवन में संचालित हो रहा जीआईसी उडामाडा, जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज

पोखरी, 15 जुलाई (राजेश्वरी राणा)। विकासखंड पोखरी के राजकीय इंटर कॉलेज उडामाडा में मुख्य भवन के अभाव में आज भी वर्ष 1975 में निर्मित जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन भेजकर विद्यालय के लिए शीघ्र मुख्य भवन के निर्माण, रिक्त पदों पर नियुक्ति और विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना की मांग की है।

ज्ञापन में प्रमुख राजी देवी, ज्येष्ठ प्रमुख ऊषा कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, प्रधान संगठन ब्लॉक अध्यक्ष तेजपाल रावत ‘निर्मोही’, पीटीए अध्यक्ष सुनील सिंह नेगी, ग्राम प्रधान ममता चौहान, पूर्व प्रधान हर्षवर्धन चौहान, शिवराज राणा, पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत, हरीश खाली, टीका प्रसाद खाली, सुदर्शन राणा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही मांग पर वर्ष 1975 में विद्यालय की स्थापना जूनियर हाईस्कूल के रूप में हुई थी। छात्र संख्या बढ़ने पर वर्ष 1985 में इसका उच्चीकरण हाईस्कूल और वर्ष 2005 में इंटर कॉलेज के रूप में किया गया, लेकिन आज तक विद्यालय का मुख्य भवन नहीं बन पाया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 131 छात्र-छात्राएं इसी पुराने और जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भवन की छत, टिन और लकड़ी की संरचना पूरी तरह जर्जर हो चुकी है तथा दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। बरसात के दौरान छत से पानी टपकता है, जिससे ग्रामीणों के सहयोग से तिरपाल लगाकर कक्षाएं संचालित करनी पड़ती हैं।
जनप्रतिनिधियों ने बताया कि विद्यालय में प्रधानाचार्य सहित भौतिक विज्ञान, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं। इसके अलावा रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान और भूगोल विषयों की प्रयोगशालाएं भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की प्रायोगिक शिक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सरकार से विद्यालय के लिए शीघ्र मुख्य भवन का निर्माण कराने, सभी रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने तथा आवश्यक विज्ञान प्रयोगशालाएं स्थापित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रीय जनता के साथ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
