किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल
नई दिल्ली, 11 अगस्त। केंद्र सरकार किशोरियों में मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर योजनाएं और जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके वार्षिक कार्यक्रम कार्यान्वयन योजनाओं में प्रस्तावित गतिविधियों के आधार पर मासिक धर्म स्वच्छता योजनाओं के लिए सहायता दी जाती है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता योजना लागू की जा रही है। इसके तहत मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण और किफायती सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से उनके निस्तारण तथा सुरक्षित मासिक धर्म संबंधी व्यवहार के लिए परामर्श देने पर जोर दिया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक मंचों, आशा और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, डिजिटल माध्यमों तथा किशोर-केंद्रित कार्यक्रमों के जरिए सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य किशोरियों और समुदाय के बीच मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन योजनाओं की निगरानी बहुस्तरीय व्यवस्था के माध्यम से की जाती है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ राष्ट्रीय कार्यक्रम समन्वय समिति (एनपीसीसी) की बैठकों में स्वीकृत लक्ष्यों के मुकाबले राज्यवार उपलब्धियों की समीक्षा की जाती है। इसके अलावा साझा समीक्षा मिशन के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रमुख संकेतकों की जमीनी स्थिति का आकलन किया जाता है।
सरकार के अनुसार स्कूली छात्राओं के लिए मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्कूलों में सुरक्षित, प्रभावी और किफायती मासिक धर्म स्वच्छता सुविधाओं तक छात्राओं की पहुंच सुनिश्चित करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
