हरेला पर डायट गौचर में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
गौचर, 16 जुलाई (गुसाईं)। उत्तराखंड के पारंपरिक लोकपर्व एवं प्रकृति पूजा के प्रतीक हरेला के पावन अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में वृक्षारोपण कर पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य भावी शिक्षकों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश देना था। संस्थान के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान परिसर में औषधीय, फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।
इस अवसर पर प्रभारी प्राचार्य ने सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “हरेला केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता और पर्यावरण संतुलन का जीवंत संदेश है। इस पावन अवसर पर हमारा दायित्व केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। तभी इस पर्व की वास्तविक सार्थकता सिद्ध होगी।”
कार्यक्रम में संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य रविंद्र सिंह बर्त्वाल, गोपाल प्रसाद कपरूवाण, योगेंद्र सिंह बर्त्वाल, कमलेश कुमार मिश्र, गजपाल राम राज, बचन लाल जितेला, सुमन भट्ट एवं मृणाल जोशी उपस्थित रहे। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी मनोज धपवाल, पुष्कर सिंह बासकंडी, ममता रावत सहित डीएलएड प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के सभी प्रशिक्षु भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अंत में सभी प्रशिक्षुओं एवं संस्थान के स्टाफ ने परिसर को हरा-भरा बनाए रखने, लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति सदैव सजग रहने का संकल्प लिया।
