बारिश के बाद युद्धस्तर पर बिछाई जाएगी पाइप्ड नेचुरल गैस पाइपलाइन
कुंभ-2027 से पहले हरिद्वार में पूरे हों पीएनजी पाइपलाइन के सभी काम
मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून, 24 अगस्त। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने हरिद्वार में कुंभ-2027 से पहले पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से जुड़े सभी आवश्यक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम समाप्त होने और सड़क खुदाई की अनुमति मिलते ही प्रदेश में पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। इसके लिए संबंधित विभाग, जिला प्रशासन और गैस कंपनियां आपसी समन्वय से समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें।
मुख्य सचिव ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बिछाई जा रही पीएनजी पाइपलाइन और गैस कनेक्शन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभागीय अधिकारियों, जिलाधिकारियों और गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों से उन्होंने अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली और निर्माण कार्यों में तेजी लाने को कहा।
मुख्य सचिव ने सभी जिलों में संबंधित एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना पहले से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में नई सड़कों अथवा अन्य निर्माण कार्यों की योजना बनाई जा रही है, वहां पीएनजी पाइपलाइन का प्रावधान भी पहले से शामिल किया जाए। इससे निर्माण के बाद बार-बार सड़क खोदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय तथा संसाधनों की बचत होगी।
उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को पीएनजी ढांचे के विस्तार के लिए भूमि आवंटन, किराये और पट्टे पर भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में स्पष्ट नीति शीघ्र तैयार करने को कहा। इससे विभिन्न जिलों में पीएनजी संयंत्र और अन्य जरूरी ढांचे के लिए भूमि उपलब्ध कराने में आ रही समस्याओं का समाधान हो सकेगा। प्रस्तावित नीति में सड़क काटने और खुदाई से संबंधित प्रावधान भी शामिल करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि पाइपलाइन बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार जल्द पूर्व स्वरूप में लाया जाए। प्रत्येक एजेंसी परियोजना पूरी करने के लिए विस्तृत समय-सारिणी तैयार कर हर सप्ताह का लक्ष्य निर्धारित करे। साप्ताहिक प्रगति के आधार पर कार्यों की नियमित समीक्षा भी की जाए।
उन्होंने भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने तथा सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर सचिव रुचि मोहन रयाल, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, खाद्य एवं आपूर्ति आयुक्त बी.एल. राणा, अपर आयुक्त पी.एस. पांगती सहित विभिन्न जिलों के अधिकारी और गैस कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
