उत्तराखंड में दो लाख डेयरी किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई पहल
गेट्स फाउंडेशन देगा वित्तीय सहयोग, पशु नस्ल सुधार से लेकर बाजार तक पहुंच पर रहेगा जोर
देहरादून, 7 अक्टूबर। उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और छोटे एवं सीमांत डेयरी किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार नई पहल शुरू करने जा रही है। इसके तहत पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। कार्यक्रम से प्रदेश के दो लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
शासन स्तर पर इसकी कार्ययोजना तैयार की गई है। इस संबंध में सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम की अध्यक्षता में बैठक कर प्रस्तावित कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। योजना के लिए गेट्स फाउंडेशन वित्तीय सहयोग देगा, जबकि जीडीआई पार्टनर्स परामर्शी सहयोग उपलब्ध कराएगा।
कार्यक्रम में पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान और भ्रूण प्रत्यारोपण जैसी उन्नत प्रजनन तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर रहेगा। इसके साथ ही पशु आहार एवं पोषण, पशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा आंचल से जुड़ी दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने की योजना है।
सरकार का जोर केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए दुग्ध संग्रहण और प्रसंस्करण नेटवर्क के विस्तार की भी योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक स्थानीय दुग्ध उत्पादों की पहुंच बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा।
कार्यक्रम के तहत मिनी फीड मिलों की स्थापना और संतुलित पशु आहार तैयार करने को प्रोत्साहित किया जाएगा। पशुपालकों तक स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से पहुंचाने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्था विकसित करने की भी योजना है। इसमें पशु स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, गर्भधारण की जांच के लिए किट और कम लागत वाली कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं शामिल होंगी।
सरकार का लक्ष्य इन सुविधाओं के माध्यम से पशुपालन की लागत कम करने के साथ प्रति पशु दुग्ध उत्पादकता बढ़ाना है। बेहतर नस्ल, संतुलित पोषण, समय पर उपचार और संगठित बाजार व्यवस्था को एक साथ जोड़कर छोटे डेयरी किसानों की आमदनी बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।
बैठक में पशुपालन निदेशक डॉ. उदय शंकर, डेयरी विकास निदेशक इला गिरी, पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राकेश सिंह नेगी तथा गेट्स फाउंडेशन की निधि जैन और प्रियंका काकडू सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

