वैज्ञानिकों ने डेटा भंडारण के लिए नया मेमोरी डिवाइस विकसित किया

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वैज्ञानिकों ने डेटा भंडारण अनुप्रयोगों के लिए उत्कृष्ट स्विचिंग विशेषताओं की आवश्यकताओं के साथ कम ऊर्जा आवश्यकताओं के साथ नया स्मृति उपकरण (मेमोरी डिवाइस) विकसित किया है।

इलेक्ट्रोड्स के बीच विद्युतरोधी फिल्म के साथ प्रतिरोधक स्मृति उपकरण डेटा भंडारण के लिए कम बिजली की आवश्यकताओं के साथ उच्च-प्रदर्शन और उच्च-घनत्व वाली स्मृतियों  की आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। ये प्रतिरोधक स्विचिंग विशेषताओं वाले ऐसे उपकरण हैं जो भौतिक घटना को संदर्भित करता हैं जिसमें परावैद्युतिक (डाईलैक्ट्रिक) विद्युत अवरोधक जिसे किसी चालू विद्युत प्रवाह द्वारा ध्रुवीकृत किया जा सकता है अचानक एक तीव्र विद्युत प्रवाह  होने के कारण अपने (दो टर्मिनल) प्रतिरोध को बदल देता है। हालांकि ऐसे उपकरणों का गहन अध्ययन अपने कार्य निष्पादन के लिए बहुत अधिक  तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया गया है, फिर भी इस दिशा में भी कई तकनीकी चुनौतियां अभी भी बची हुई हैं और जो उनके व्यावसायीकरण के मार्ग में बड़ी चुनौतियां हैं।

वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे प्रतिरोधक स्विचिंग-आधारित स्मृति उपकरणों को डिजाइन करने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं जो गैर-वाष्पशील (नॉन- वोलेटाइल) तथा विश्वसनीय हैं  और मौजूदा सिलिकॉन-आधारित तत्काल स्मृति (फ्लैश मेमोर ) तकनीक की तुलना में बहुत बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्त संस्थान, नैनो और मृदु पदार्थ विज्ञान केंद्र ( नैनो एंड  सॉफ्ट मैटर साइंसेज सेंटर – सीईएनएस ), बंगलुरु  से सुश्री स्वाति एस.पी. और डॉ. एस अंगप्पन ने डेटा भंडारण अनुप्रयोगों के लिए सिलिकॉन ऑक्साइड के प्रतिस्थापन, रासायनिक हेफ़नियम ऑक्साइड से निर्मित उत्कृष्ट स्विचिंग विशेषताओं के साथ एक कम ऊर्जा आवश्यकताओं के साथ नया स्मृति उपकरण विकसित किया है।

लो सेट / रीसेट वोल्टेज और विद्युत धाराओं के साथ द्विध्रुवी प्रतिरोधी स्विचिंग व्यवहार प्रदर्शित करने वाले एएल / एचएफओएक्स / एफटीओ डिवाइस की आई-वी विशेषताएं। इसके इनसेट डिवाइस की संरचना और स्विचिंग डायनेमिक्स की कार्य योजना प्रदर्शित करते हैं

उन्होंने इसके लिए हेफ़नियम ऑक्साइड ( एचएफओ 2  – HfO2) का उपयोग किया हैI यह  एक विद्युत अवरोधक है जिसे एक अवरोधी (इन्सुलेट) परत के रूप में विद्युत प्रवाह के अनुप्रयोग पर ध्रुवीकृत किया जा सकता है। उन्होंने इसे स्पटरिंग डिपोजिशन मेथड नामक विधि से तैयार किया। यह एक भौतिक वाष्प एकत्रीकरण (डिपोजीशन) तकनीक है जिसमें ऊर्जायुक्त आयनों का उपयोग परमाणुओं या अणुओं को वांछित ‘लक्ष्य’ सामग्री से अलग करने और उन्हें एक सब्सट्रेट पर एकत्रित करने के लिए किया जाता है। हेफ़नियम ऑक्साइड (एचएफओ 2  – HfO2) फिल्म की प्रतिरोधक स्विचिंग विशेषताओं को विकास तापमान और एनीलिंग की स्थितियों –  अर्थात एक तापीय (हीटिंग) उपचार प्रक्रिया जो सामग्री के भौतिक और कभी-कभी रासायनिक गुणों को बदल देती है,  को ट्यून करके और अधिक बढ़ाया जा सकता है ताकि लचीलेपन (डक्टीलिटी) को बढ़ाकर अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए इसकी कठोरता को कम किया जा सके।

शोधार्थियों की टीम ने पाया कि ऑक्सीजन रिक्तियों की एक उच्च सांद्रता अर्थात क्रिस्टल जाली (लैटिस)  में उनके संबंधित स्थानों से ऑक्सीजन की हानि की स्थिति तब बनती है जब इन फिल्मों को एनीलिंग नामक तापीय (थर्मल) उपचार प्रक्रिया के अधीन लाया जाता है। कम विद्युत संचालन के लिए स्थितियां निर्मित करने में ऑक्सीजन की कमी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा थर्मल उपचार ने क्रिस्टलीय व्यवहार और हेफ़नियम ऑक्साइड फिल्मों के दोषों के घनत्व को भी प्रभावित किया, जिससे प्रतिरोधक स्विचिंग मापदंडों और उपकरण का कार्य निष्पादन भी प्रभावित हुआ। इसके अलावा इन उपकरणों ने अच्छी सहनशक्ति और उच्च प्रतिधारण का भी प्रदर्शन किया।

जर्नल ऑफ अलॉयज एंड कंपाउंड्स में प्रकाशित इन वैज्ञानिकों का शोध भविष्य में अधिक कुशल, व्यवहार्य और विश्वसनीय प्रतिरोधक स्मृति उपकरणों के विकास में योगदान कर सकता है। सीईएनएस शोधकर्ता इन प्रतिरोधक स्मृति उपकरणों को उनके लघु रूपों में परिवर्तित कर रहे हैं। टीम इन मेमोरी उपकरणों में मस्तिष्क से प्रेरित कार्यात्मकताओं की जांच कर रही है और इसकी बहु-कार्यात्मक क्षमताओं (मल्टीफंक्शनल कैपिबिलिटीज) को सामने लाने के लिए मेमोरी डिवाइस को अन्य संभावित संवेदकों (सेंसर्स) के साथ एकीकृत करने की संभावना ढूँढ़ रही है।

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