चार दशक बाद फिर गूंजेगी ग्वालदम की ऐतिहासिक रामलीला, 9 जून से होगा मंचन

–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 7 जून। कभी गढ़वाल और कुमाऊं ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाली ग्वालदम की ऐतिहासिक रामलीला लगभग चार दशकों तक बंद रहने के बाद वर्ष 2024 में पुनर्जीवित हुई। पहले ही वर्ष इस रामलीला को दर्शकों का भरपूर समर्थन मिला और इसकी चर्चा दूर-दूर तक पहुंची। इस वर्ष रामलीला का आयोजन 9 से 19 जून तक किया जाएगा।
जानकारों के अनुसार साठ के दशक में जब पिंडर घाटी और कत्यूर घाटी सड़क तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से काफी हद तक वंचित थीं, तब गढ़वाल और कुमाऊं की मध्यस्थली ग्वालदम में रामलीला मंचन की शुरुआत हुई थी। शीघ्र ही यह आयोजन दोनों मंडलों के लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया। रामलीला में गढ़वाल और कुमाऊं के कलाकार संयुक्त रूप से भाग लेते थे। बाद में ग्वालदम में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की स्थापना होने पर देश के विभिन्न राज्यों से आए जवान और कर्मचारी भी इसमें प्रतिभाग करने लगे, जिससे इसकी ख्याति और बढ़ गई।
साठ के दशक से शुरू हुई यह रामलीला अस्सी के दशक तक क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बनी रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग रामलीला देखने और इसका आनंद लेने ग्वालदम पहुंचते थे। हालांकि वर्ष 1983-85 के आसपास आयोजकों के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर मतभेद उत्पन्न होने लगे, जिसके चलते यह ऐतिहासिक आयोजन बंद हो गया।
करीब 40 वर्षों तक बंद रहने के बाद ग्राम पंचायत, व्यापार संघ, महिला मंगल दल, युवक मंगल दल तथा क्षेत्र के रामभक्तों के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2024 में रामलीला का पुनः शुभारंभ किया गया।
विशेष बात यह है कि पूर्व में रामलीला का मंचन एक ढलवां और सीमित स्थान पर किया जाता था। राष्ट्रीय राजमार्ग सिमली-ग्वालदम के चौड़ीकरण के दौरान ग्रामीणों के आग्रह पर वन विभाग के विश्राम गृह के निकट स्थित खाली भूमि को डंपिंग यार्ड के रूप में विकसित किया गया। बीआरओ द्वारा सड़क चौड़ीकरण से निकला मलबा यहां डाले जाने से यह स्थान एक सुंदर और समतल मैदान में परिवर्तित हो गया। वर्ष 2024 में इसी मैदान में रामलीला का मंचन शुरू हुआ और स्थानीय लोगों ने इसका नाम ही ‘रामलीला मैदान’ रख दिया।
इस बीच आगामी 9 से 19 जून तक आयोजित होने वाली रामलीला की तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को समिति अध्यक्ष हीरा सिंह बोरा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 9 जून को रात्रि 9 बजे रामलीला मैदान में देवाल के ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत तथा ज्येष्ठ प्रमुख दीपक गड़िया बतौर मुख्य अतिथि रामलीला का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रतिदिन रात्रि 9 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा।
बैठक में बताया गया कि सभी कलाकारों ने अपने-अपने पात्रों का प्रशिक्षण और अभ्यास पूरा कर लिया है तथा मंचन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
बैठक में व्यवस्थापक कुंदन परिहार, थराली के पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख महावीर सिंह शाह, हरीश जोशी, उपाध्यक्ष यशपाल रावत एवं बलवीर गड़िया, सचिव महावीर गड़िया, ग्राम प्रधान हेमलता गड़िया, जिला पंचायत सदस्य कलावती देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य भावना रावत एवं हेमलता जोशी, महिला मंगल दल अध्यक्ष कलावती देवी, प्रदीप शाह, रोहित शर्मा सहित अनेक लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
