नैनीताल-अल्मोड़ा में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट, उत्तराखंड में पांच दिन मौसम बिगड़ा रहेगा
देहरादून, 1 सितंबर। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर खतरनाक तेवर दिखा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र ने नैनीताल और अल्मोड़ा जिलों में मंगलवार को कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन दोनों जिलों के लिए रेड अलर्ट है, जबकि राज्य के शेष जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से 1 सितंबर को अपराह्न 3:30 बजे जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार और बुधवार को प्रदेश के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश अथवा गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तीन से सात सितंबर के बीच भी सभी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश का क्रम बने रहने का अनुमान है।
सबसे गंभीर चेतावनी नैनीताल और अल्मोड़ा के लिए है। यहां मंगलवार को कुछ स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के साथ गरज, आकाशीय बिजली और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर आ सकते हैं। मौसम विभाग के मानकों के अनुसार 24 घंटे में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर बारिश को बहुत भारी और 204.4 मिलीमीटर से अधिक बारिश को अत्यंत भारी माना जाता है। अत्यंत तीव्र दौर में बारिश की दर 51 से 100 मिलीमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है।
दो सितंबर को नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून पर विशेष नजर
बुधवार, 2 सितंबर को नैनीताल, बागेश्वर और देहरादून जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश तथा गरज-चमक के साथ अति तीव्र से अत्यंत तीव्र बारिश की संभावना है। राज्य के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश और तीव्र से अति तीव्र दौर आ सकते हैं।
तीन सितंबर को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, ऊधमसिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी है। चार सितंबर को नैनीताल, चम्पावत, देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर तथा पांच सितंबर को देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान सभी जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका बनी रहेगी।
भूस्खलन, फ्लैश फ्लड और नदियों में उफान का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि अत्यधिक बारिश से संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और चट्टानें गिरने के कारण सड़कें और राजमार्ग बंद हो सकते हैं। कहीं-कहीं बाढ़ और भूस्खलन से सड़क, पुल तथा अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। बिजली-पानी जैसी सेवाओं के साथ परिवहन और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लगातार बारिश से बांधों और बैराजों से पानी का निकास बढ़ने तथा प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
मौसम विभाग के राष्ट्रीय फ्लैश फ्लड गाइडेंस बुलेटिन में भी उत्तराखंड के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। विशेष रूप से देहरादून, गढ़वाल क्षेत्र, हरिद्वार, टिहरी, चमोली, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत से जुड़े क्षेत्रों को लेकर सतर्कता की जरूरत बताई गई है।
चारधाम यात्रियों को यात्रा से बचने की सलाह
मौसम विभाग ने भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है। चारधाम तथा अन्य तीर्थ और पर्यटन स्थलों की यात्रा करने वालों को विशेष सतर्कता बरतने और खराब मौसम में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। जिला प्रशासन को अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति में स्कूल बंद रखने की सलाह भी दी गई है।
आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को घर के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने, बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी गई है।
