कमेड़ा से कर्णप्रयाग तक बदहाल राष्ट्रीय राजमार्ग, गड्ढों से यात्री परेशान
गौचर, 21 सितम्बर (गुसाईं)। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चमोली जिले के प्रवेश द्वार कमेड़ा से कर्णप्रयाग तक जगह-जगह बने गड्ढों ने वाहन चालकों और यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
केंद्र सरकार ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण को महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में आगे बढ़ा रही है, लेकिन कमेड़ा से कर्णप्रयाग के बीच कई स्थानों पर सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। कमेड़ा पेट्रोल पंप के समीप निर्माण कार्य पर बड़ी धनराशि खर्च किए जाने के बावजूद बरसात के बाद सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आगे भी कई स्थानों पर गड्ढे वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
चटवापीपल से कर्णप्रयाग के पंचपुलिया तक सड़क की स्थिति विशेष रूप से खराब बताई जा रही है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण छोटे वाहनों और दुपहिया चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचपुलिया और चटवापीपल के नवनिर्मित पुल के आसपास भी सड़क की हालत खराब है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कांग्रेस के प्रदेश सचिव मुकेश नेगी और व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल भी इस समस्या से प्रशासन को अवगत करा चुके हैं।
बदरीनाथ यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने के साथ ही इस मार्ग पर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ रही है। ऐसे में सड़क के गड्ढों के कारण यात्रियों को हिचकोले खाते हुए सफर करना पड़ रहा है और दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
सोमवार को कर्णप्रयाग पहुंचीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के समक्ष भी स्थानीय लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान सड़कों में टूट-फूट होती रहती है और क्षतिग्रस्त हिस्सों को जल्द ठीक कराया जाएगा।
