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सिलक्यारा सुरंग संकट : प्लान दो के अनुसार मज़दूरों तक पहुँचने के लिए पहाड़ी की चोटी से ड्रिलिंग शुरू

By- Usha Rawat

सिलक्यारा, 26 नवंबर।  ऑगर मशीन के फंसने के बाद   सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर  निकालने  के लिए पहाड़ी के ऊपर से ड्रिलिंग  के दूसरे विकल्प पर काम शुरू  हो चुका है। एस जेवी एन एल की ड्रिलिंग मशीन अब तक 15 मीटर ड्रीलिंग कर चुकी है।  उसे कुल 86 मीटर ड्रीलिंग करनी है।

आगर मशीन के फंसने के बाद एस जे वी एन एल  ने सुरंग के ऊपर पहाड़ की छोटी से ड्रिलिंग शुरू कर दी है. आज 15 मीटर ड्रिलिंग हो गयी बताई जा रही है. सुरंग में मज़दूरों तक पहुँचने के लिए कुल 86  मीटर  ड्रिलिंग करनी होगी।  लेकिन वर्तमान ड्रिलिंग मशीन की क्षमता केवल 40 मीटर तक बोरिंग की है. इसलिए उससे आगे ड्रिलिंग के लिए दूसरी मशीन भी आ चुकी है.

इधर टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में रविवार को अस्थाई मीडिया सेंटर, सिलक्यारा में प्रेस ब्रीफिंग  के दौरान सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पाइप में फंसे ऑगर मशीन की ब्लेड एवं साफ्ट को काटने का कार्य जारी है। इसके लिए लेजर कटर एवं प्लाज्मा कटर को भी मंगाया गया है। जो की सिलक्यारा पहुंच चुका है। उन्होंने बताया अब 13 मीटर के हिस्से को निकाला जाना बाकी है।

ऑगर मशीन के पाइप में फंसे हिस्से (साफ्ट व फिन्स) को निकालने के लिए प्लाजमा, लेजर व गैस कटर के जरिये की जा रही कटिंग का दृश्य

सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पाइप में फंसे ऑगर बिट को निकाले जाने के उपरांत आगे की माइनिंग का कार्य मैन्युअल रूप से किया जाएगा। जिसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया अंदर फंसे सभी श्रमिक सकुशल हैं। सभी श्रमिक हिम्मत बनाए हुए हैं। श्रमिकों से संवाद हेतु बीएसएनएल की मदद से अतिरिक्त कम्युनिकेशन सेटअप तैयार किया गया है। श्रमिकों को पर्याप्त मात्रा में भोजन, एवं अन्य आवश्यक सामग्री मौजूद है। फंसे श्रमिकों का निरंतर डॉक्टरो से संवाद करवाया जा रहा है। साथ ही मनोचिकित्सकों से भी निरंतर परामर्श करवाया जा रहा है।

अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एम.डी (एनएचआईडीसीएल) महमूद अहमद ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन में कई प्लानिंग पर एक साथ कार्य चल रहा है। जिसके तहत वर्टिकल ड्रिलिंग का कार्य आज शुरू कर लिया गया है। अब तक 15 मीटर वर्टिकल ड्रिलिंग की गई है। RVNL द्वारा भी परपेंडिकुलर होरिजेंटल ड्रिलिंग का कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए सभी मशीनें पहुंच चुकी हैं। परपेंडिकुलर होरिजेंटल ड्रिलिंग हेतु कंक्रीट बेड बनाए जाने का कार्य जारी है।

अपर सचिव (सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार) एवं एम.डी (एनएचआईडीसीएल) महमूद अहमद ने बताया कि ड्रिफ्ट टनल बनाने के विकल्प पर भी कार्य शुरू किया गया है। ड्रिफ्ट टनल का डिजाइन तय कर फ्रेम के फेब्रिकेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। THDC ने भी बड़कोट साइड से टनल का निर्माण शुरू कर दिया है, जिसमें अब तक 4 ब्लास्ट कर 10 मीटर का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। ब्लास्टिंग में विशेष सावधानी बरती जा रही हैं।

इस दौरान महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी भी मौजूद रहे।

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