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एसडीसी फाउंडेशन ने जारी की उत्तराखंड की उदास 13वीं रिपोर्ट

*अक्टूबर में कुमाऊँ मंडल में तीन बड़ी सड़क दुर्घटनाओं में 20 लोगों की मौत*

देहरादून, 26 नवंबर। देहरादून स्थित सोशल डेपलपमेंट फॉर कम्यूनिटी (एसडीसी) फाउंडेशन ने उत्तराखंड डिजास्टर एंड एक्सीडेंट सिनोप्सिस (उदास) की 13वीं रिपोर्ट जारी कर दी है। फाउंडेशन पिछले वर्ष अक्टूबर 2022 से हर महीने उत्तराखंड में बड़ी आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं पर रिपोर्ट जारी कर रही है।

Anup Nautiyal, Director SDC

अक्टूबर 2023 की इस रिपोर्ट में मुख्य रूप से राज्य में हुई तीन बड़ी सड़क दुर्घटनाओं को जगह मिली है। इसके अलावा इस वर्ष के शुरू से चल रहे जोशीमठ धंसाव प्रकरण को एक बार फिर रिपोर्ट में जगह दी गई है। बार-बार आये भूकंपों का भी अक्टूबर की रिपोर्ट में जिक्र किया गया है।

*सड़क दुर्घटनाओं में मौतेें*

उदास अक्टूबर 2023 की रिपोर्ट कहती है कि इस महीने उत्तराखंड में सड़क हादसों की भरमार रही। तीनों बड़े हादसे कुमाऊँ मंडल में हुए।

7 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले में भारत-नेपाल सीमा के पास धारचूला-लिपुलेख मार्ग पर लामारी में एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी पर मलबा गिरने से 7 लोगों की मौत की आशंका जताई गई। 7 अक्टूबर की रात को ही नैनीताल जिले के कालाढूंगी इलाके में यात्रियों को ले जा रही एक बस के खाई में गिर जाने से पांच महिलाओं और एक नाबालिग सहित कम से कम सात यात्रियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

24 अक्टूबर को पिथौरागढ़ जिले में कार नदी में गिरने से 6 आदि कैलाश तीर्थयात्रियों की मौत हो गई। इस हादसे ने एक बड़ा सवाल यह भी खड़ा किया कि राज्य में क्या संचार व्यवस्था ठीक नहीं है। हादसा दिन में 2ः30 बजे हुआ था। लेकिन मोबाइल सिग्नल न होने के कारण अधिकारियों को तीन घंटे बाद शाम 5ः30 बजे ही घटना की जानकारी मिली।

*जोशीमठ धंसाव अपडेट*

राज्य सरकार के अनुसार जोशीमठ के आपदा प्रभावित क्षेत्र से विस्थापन से पहले प्रभावित लोगों के विचार जानने का प्रयास किया जाएगा और उसके अनुसार कार्रवाई करेगी।पुनर्वास के लिए तीन विकल्प दिये जाएंगे। पहला विकल्प यह है कि लोग प्रभावित क्षेत्र की संपत्ति का पूरा मुआवजा ले सकते हैं। दूसरा विकल्प सरकार द्वारा तय किए गए सुरक्षित स्थानों पर घर बनाने का है और तीसरा विकल्प सरकार खुद मकान बनाकर देगी।

जोशीमठ को लेकर उत्तराखंड हाई कोर्ट के आदेश पर 23 अक्टूबर 2023 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान पीसी तिवारी और उनके वकील अभिजय नेगी और स्निग्धा तिवारी ने अपना पक्ष रखा।

उन्होंने कहा की अगर जोशीमठ में निर्माण होता है तो संस्थाओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए। हादसे की स्थिति में उन पर क्रिमिनल या सिविल केस होने चाहिएं।
सुनवाई में एनटीपीसी और उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव रंजीत सिन्हा भी शामिल हुए।

*भूकंप के झटके*

3 अक्टूबर, 2023 को नेपाल में आए भूकंप के झटके उत्तराखंड के बड़े हिस्से में महसूस किए गए। भूकंप का पहला झटका दोपहर 2.25 बजे जबकि दूसरा झटका 2.51 बजे महसूस किया गया। उत्तराखंड में सितंबर माह में 8 और अगस्त माह में 11 भूकंप आए। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के मुताबिक उत्तराखंड को भूकंप से सतर्क रहने की जरूरत है।

*उत्तराखंड और आपदा प्रबंधन*

अनूप नौटियाल ने कहा की उत्तराखंड को अपने आपदा प्रबंधन तंत्र और क्लाइमेट एक्शन की कमज़ोर कड़ियों को मजबूत करने की सख्त ज़रूरत है। उन्होंने उत्तरकाशी टनल के हादसे को लेकर चिंता जताई और कहा की ये उम्मीद की जानी चाहिए की केंद्र और उत्तराखंड सरकार प्रदेश की समस्त परियोजनाओं पर पैनी नज़र रखते हुए आपदा प्रबंधन के तंत्र को मजबूत करेंगी।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड उदास मंथली रिपोर्ट उत्तराखंड के राजनीतिज्ञों, नीति निर्माताओं, अधिकारियों, शोधार्थियों, सिविल सोसायटी और मीडिया के लोगों के लिए सहायक होगी। साथ ही आपदाओं से होने वाले नुकसान के न्यूनीकरण के लिए नीतियां बनाते समय भी इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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