क्षेत्रीय समाचार

रोंग्पा भाषा की गूंज के बीच समर कैंप में छात्राओं ने सीखे स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के गुर

पोखरी, 30 मई (राणा)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पोखरी में आयोजित भारतीय भाषा समर कैंप-2026 का चतुर्थ दिवस स्थानीय भाषा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण को समर्पित रहा। रोंग्पा भाषा में सरस्वती वंदना और समूहगान के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम में छात्राओं ने स्थानीय कृषि उत्पादों, पहाड़ी व्यंजनों तथा भाषा अभिव्यक्ति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे दिन विद्यालय परिसर में सीखने, समझने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का विशेष वातावरण बना रहा।
प्रधानाचार्य गंभीर सिंह असवाल ने बताया कि भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, नई दिल्ली द्वारा तैयार कार्यक्रम के तहत राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तराखंड तथा डायट गौचर के निर्देशन में समर कैंप का संचालन किया जा रहा है। चतुर्थ दिवस पर छात्राओं को स्थानीय उत्पादों, फलों, सब्जियों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों के महत्व से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि पहाड़ की पारंपरिक कृषि और स्थानीय उत्पाद न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं, बल्कि स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का भी सशक्त माध्यम बन सकते हैं।
शिक्षिका पूनम रानी नेगी ने स्मार्ट बोर्ड के माध्यम से कोदा, झंगोरा, कौंणी, भट्ट, गहत, चौलाई, लाल चावल, सोयाबीन और राजमा जैसे पारंपरिक अनाजों एवं दलहनों की विशेषताओं तथा पोषण मूल्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच मोटे अनाजों और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
वहीं, शिक्षिका इंदु भारती ने चैंसा, चुरकाणी, भटवाणी, डुबकी और छचैंडा जैसे पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों की विधि एवं उनके पोषक गुणों की जानकारी देकर छात्राओं को अपनी समृद्ध खाद्य परंपराओं से परिचित कराया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने स्थानीय उत्पादों और फलों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई। शिक्षिका अनुराधा राणा ने कहानी-कथन के माध्यम से भाषा अभिव्यक्ति, संवाद कौशल और रचनात्मक सोच के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक गतिविधियों में सहभागिता की।
समर कैंप के चतुर्थ दिवस में 30 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में शिक्षिकाओं पूनम नेगी, अनुराधा राणा और इंदु भारती के साथ वरिष्ठ सहायक राहुल देवशाली, रेखा सती, दिव्या थपलियाल तथा भोजन माताओं माहेश्वरी देवी और सुमन देवी का विशेष सहयोग रहा।

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