हिंदी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकारों ने किया मंथन, मूल्यों और विश्वसनीयता बनाए रखने पर दिया जोर
गौचर, 30 मई (गुसाईं)। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन के मुख्यालय प्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार दिग्पाल गुसाईं ने की।
इस अवसर पर दिग्पाल गुसाईं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने समाज को जागरूक करने, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए संगठन की मजबूती और आपसी एकजुटता को आवश्यक बताया।
वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने पत्रकारिता के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं तथा नई पीढ़ी के लिए अनेक अवसर उपलब्ध कराए हैं। हालांकि, खबरों को सबसे पहले प्रसारित करने की प्रतिस्पर्धा के बीच गुणवत्ता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे समय में पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बदलते दौर के साथ पत्रकारों को नई तकनीकों और आधुनिक माध्यमों को अपनाना चाहिए, लेकिन तथ्यों की सत्यता, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। साथ ही पत्रकारों से संगठित होकर अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार दिनेश थपलियाल, दिनेश जोशी, लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी, प्रकाश डिमरी, गोवर्धन प्रसाद डिमरी, सतीश गेरोला तथा के.एस. असवाल सहित अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने हिंदी पत्रकारिता को और अधिक सशक्त बनाने तथा समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
