अगले वर्ष रक्षाबंधन से 15 दिन पहले शुरू होगा ‘सशक्त बहना उत्सव’

देहरादून, 24 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का शुभारंभ किया। उन्होंने महिला समूहों द्वारा तैयार राखियों और अन्य स्थानीय उत्पादों का अवलोकन करने के साथ विभिन्न जिलों की महिलाओं से ऑनलाइन संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से रक्षाबंधन के 15 दिन पहले ही ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ शुरू कर इसे पखवाड़े के रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में उत्सव का विस्तार ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से 5.20 लाख से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हैं। पिछले तीन वर्षों में योजना के तहत प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए, जिनसे करीब 12.50 करोड़ रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई। प्रदेश में तीन लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में पहचान बना चुकी हैं।
उन्होंने बताया कि महिला समूहों के उत्पादों के विपणन के लिए 49 ग्रोथ सेंटर, 17 सरस सेंटर, 33 पैकेजिंग इकाइयां और आठ बेकरी इकाइयां स्थापित की गई हैं। यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। समूहों के उत्पादों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, हवाई अड्डों और होटलों तक पहुंचाने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से स्टॉलों से खरीदारी कर महिला समूहों को प्रोत्साहित करने की अपील की। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
