गौचर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पर कवियों ने अपने चुटीली कविताओं से दर्शकों को खूब गुदगुदाया

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गौचर से दिगपाल गुसाईं
मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पर जहां विभिन्न सांस्कृतिक समितियों ने अपने कार्यक्रमों से लोगों का मनोरंजन किया वहीं कवियों ने अपने चुटीली कविताओं से दर्शकों को खूब गुदगुदाया।
 गौचर औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या की शुरुवात सुशील राज एवं उनके साथियों ने अपने कार्यक्रम जय बद्री जय केदार  बंदना की प्रस्तुति से की।हो सुवा,समदोला का द्वी दिन समलौण्यां ह्वे गिन तथा दमा दम मस्त कलंदर आदि गानों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।इसके पश्चात पंजाबी लोकनृत्य की प्रस्तुतियों पर पंजाबी मूल के लोग इन कलाकारों की हौसला अफजाई करते नजर आए।इस सांस्कृतिक संध्या की आखिरी प्रस्तुति कवियों के नाम रही।
कवि सम्मेलन में सुदीप भोला ने अपने चुटकीले अंदाज में उन दरिंदों पर व्यंग कसा जो बलात्कार को बढ़ावा देते है। कि पांडवों की बेटी होती तो द्रोपदी का चीरहरण न होता। हेमंत पांडे ने एक फूल तुम्हें देने के लिए सस्ते में ले लिया कविता से दर्शकों का मनोरंजन किया। उपासना सेमवाल ने पहाड़ी संस्कृति में फैल रही कुरुतियों पर अपने हास्य व्यंगों से दर्शकों को लोटपोट किया।
इस अवसर पर प्रताप फौजदार, राजीव राज,नीर गोरखपुरी ने भी अपनी कविताओं से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इससे पूर्व जन कल्याण समिति कुंवारी मंडल बागेश्वर,मां नंदा जागर संस्था कर्णप्रयाग,जय गोपीनाथ कला संगम गोपेश्वर के कलाकारों ने अपनी शानदार रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
देर रात तक चले इस सांस्कृतिक संध्या में मेलाधिकारी उपजिलाधिकारी संतोष कुमार पांडेय, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह देब,के अलावा कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुनील पंवार, भाजपा मंडल अध्यक्ष जयकृत बिष्ट, अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष नवीन टाकुली,यंग ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष अजय किशोर भंडारी आदि लोगों ने कार्यक्रम का आनंद लिया।

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