उत्तराखंड सरकार का अस्पतालों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी पर सख्त रुख, कड़ी कार्रवाई का निर्देश
देहरादून, 9 अक्टूबर : उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा और फायर सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने की, जिसमें राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी सिस्टम को मजबूत करने, मासिक मॉक ड्रिल और नियमित सुरक्षा ऑडिट के निर्देश दिए गए।
सख्त निर्देश: लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बैठक में दून मेडिकल कॉलेज सहित अन्य अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपायों पर विशेष जोर दिया गया। सचिव ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) शीघ्र उपलब्ध कराने और स्प्रिंकलर, मोटर्स जैसे फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कर डेमो सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। दून मेडिकल कॉलेज की ओटी बिल्डिंग की फायर एनओसी 30 अक्टूबर 2025 तक और सीएसएसडी विभाग की एनओसी 30 नवंबर 2025 तक हस्तांतरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य सचिव का जोर: नियमित निरीक्षण और ड्रिल अनिवार्य स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, “मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर सभी अस्पतालों में सुरक्षा जांच और फायर ड्रिल अभियान को तेज किया जाएगा। सभी जिला अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फायर सिस्टम की मजबूती, आपातकालीन ड्रिल और नियमित ऑडिट सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के अस्पताल पूरी तरह सुरक्षित और आपात स्थिति के लिए तैयार रहें।”
राज्यव्यापी फायर सेफ्टी अभियान की रूपरेखा
- सभी अस्पतालों में फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम की नियमित जांच।
- प्रत्येक माह कम से कम एक फायर मॉक ड्रिल और स्टाफ प्रशिक्षण।
- समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट और रिकॉर्डिंग।
- नियमों के उल्लंघन पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई।
दून मेडिकल कॉलेज में विशेष ध्यान सचिव ने दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को कार्यदायी संस्था के साथ मासिक बैठकें आयोजित करने और फायर सेफ्टी उपायों की प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। अग्निशमन विभाग से भी एनओसी प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी बैठक में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अजय आर्य, प्राचार्य दून मेडिकल कॉलेज डॉ. गीता जैन, उपसचिव जसंविदर कौर, सीएमएस दून मेडिकल कॉलेज डॉ. आर.एस. बिष्ट, यूपीआरएल के प्रतिनिधि और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अस्पतालों में सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं होगी। यह अभियान मरीजों और अस्पताल स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
