Front Pageधर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट बंदी की तैयारियां पूर्ण, 14 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

उत्तरकाशी, 21 अक्टूबर । गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा का वर्तमान सत्र अब अपने समापन की ओर है। परंपरानुसार गंगोत्री धाम के कपाट बुधवार, 22 अक्टूबर को और यमुनोत्री धाम के कपाट गुरुवार, 23 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। दोनों ही धामों में दीपोत्सव के उल्लासपूर्ण आयोजन और कपाट बंद होने से पूर्व विशेष पूजा-अर्चनाओं का क्रम जारी है।

धार्मिक परंपरा के अनुसार, अन्नकूट पर्व पर 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट पूर्वाह्न 11 बजकर 36 मिनट पर विधिविधानपूर्वक बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के उपरांत गंगा की उत्सव मूर्ति को डोली में बिठाकर मुखवा गांव लाया जाएगा, जहां गंगा मंदिर में शीतकाल के दौरान प्रतिमा विराजमान रहेगी। श्रद्धालुजन इस अवधि में मुखवा स्थित गंगा मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे।

यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को भैयादूज के पर्व पर अपराह्न 12 बजकर 30 मिनट पर बंद किए जाएंगे। शीतकालीन प्रवास के दौरान यमुना की उत्सव मूर्ति को खरसाली गांव स्थित यमुना मंदिर में विराजमान किया जाएगा, जहां श्रद्धालु शीतकाल में यमुना माता के दर्शन और पूजन कर सकेंगे।

गंगोत्री मंदिर समिति और यमुनोत्री मंदिर समिति ने कपाटबंदी की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों धामों के साथ ही मुखवा और खरसाली स्थित मंदिरों को भी आकर्षक रूप से सजाया-संवारा गया है। प्रशासन और पुलिस विभाग द्वारा तीर्थयात्रियों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

जिले के यात्रा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में कुल 14,02,128 तीर्थयात्री पहुंचे हैं। इनमें 7,57,762 श्रद्धालु गंगोत्री धाम तथा 6,44,366 श्रद्धालु यमुनोत्री धाम के दर्शन हेतु पहुंचे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!